सवाई माधोपुर/चौथकाबरवाड़ा। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में चौथ का बरवाड़ा–चौरु मार्ग का निर्माण कार्य विभागीय दावों और ठेकेदार की अनदेखी के कारण अधूरा पड़ा है। अक्टूबर 2025 तक पूरा होने वाली 11 किलोमीटर लंबी सड़क अब दो साल बाद भी तैयार नहीं हो सकी। निर्माण की धीमी रफ्तार ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है और लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
सरकार ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की स्वीकृति दी थी। यह मार्ग चौथ माता मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन निर्माण शुरू होने के बाद पुरानी सड़क उखाड़ दी गई और नई सड़क समय पर तैयार नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप यह मार्ग राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गया है।
खतरनाक साबित हो रहा यह रास्ता
पूरे मार्ग पर गिट्टी और मिट्टी फैली होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खतरनाक साबित हो रहा है। आए दिन गिट्टी पर फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति से वाहनों के टायर भी खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान अलग झेलना पड़ रहा है।
ठेकेदार पर पेनल्टी के बाद भी काम में तेजी नहीं
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई। विभाग ने समय सीमा पार होने पर ठेकेदार पर पेनल्टी भी लगाई है, लेकिन काम में तेजी नहीं आई।
इनका कहना है
सड़क पर केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि समय सीमा पार होने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है।
-जितेंद्र मीणा, सहायक अभियंता सानिवि चौथकाबरवाड़ा।


