धार इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का काम तेजी से जारी है, लेकिन पिछले तीन से चार महीनों से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागदा-गुजरी मार्ग पर रेलवे ब्रिज का निर्माण चलने के कारण यह रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मार्ग बंद होने से करीब 15 से 16 गांवों के लोगों को सुनारखेड़ी अंडरपास से होकर गुजरना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते यातायात के दबाव से यह अंडरपास अब जर्जर हो गया है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, मजदूर, व्यापारी, छात्र और अन्य नागरिक रोज इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सुबह और शाम के समय यहां भारी जाम लग जाता है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और कंकड़-पत्थर खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। आए दिन वाहन फिसलने और गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। रास्ता जर्जर होने से हादसों का डर
स्थानीय निवासी कमल चौहान ने बताया कि वे अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए इसी रास्ते से गुजरते हैं। सड़क की खराब हालत और ट्रैफिक जाम के कारण बच्चों को सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। जाम में फंसने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रेलवे ब्रिज का काम मार्च माह में पूरा कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। अंडरपास की मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक ब्रिज निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सुनारखेड़ी अंडरपास की तत्काल मरम्मत कराई जाए। गड्ढे भरे जाएं, सड़क समतल की जाए, नियमित पानी का छिड़काव हो और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।


