10 दिनों में कई जगहों पर सड़क टूटी:सुपौल में निर्माण कार्य पर उठे सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग

10 दिनों में कई जगहों पर सड़क टूटी:सुपौल में निर्माण कार्य पर उठे सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग

सुपौल के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के बगल से गुजरने वाली सर्विस सड़क के निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 8 फरवरी को बनी यह सड़क महज 10 दिनों के भीतर ही कई जगहों से टूटकर फट गई है। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे बनने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण इतनी कम अवधि में ही सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने संबंधित विभाग और ठेकेदार पर मिलीभगत कर अनियमितता बरतने का भी आरोप लगाया है। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी सड़क टूटने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं कराई गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की अपील की है। इधर, कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक ने बताया कि सड़क की मेंटनेंस अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। शिकायत प्राप्त हुई है और विभाग जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराएगा। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। सुपौल के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के बगल से गुजरने वाली सर्विस सड़क के निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 8 फरवरी को बनी यह सड़क महज 10 दिनों के भीतर ही कई जगहों से टूटकर फट गई है। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे बनने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण इतनी कम अवधि में ही सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने संबंधित विभाग और ठेकेदार पर मिलीभगत कर अनियमितता बरतने का भी आरोप लगाया है। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी सड़क टूटने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं कराई गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की अपील की है। इधर, कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक ने बताया कि सड़क की मेंटनेंस अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। शिकायत प्राप्त हुई है और विभाग जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराएगा। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।  

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