भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ RJD का प्रदर्शन:सुपौल में कार्यकर्ताओं ने PM का पुतला फूंका, शर्तें सार्वजनिक करने की मांग

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ RJD का प्रदर्शन:सुपौल में कार्यकर्ताओं ने PM का पुतला फूंका, शर्तें सार्वजनिक करने की मांग

सुपौल में गुरुवार शाम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ में राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के लोहियानगर चौक पर राजद किसान प्रकोष्ठ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहन यादव ने किया। इसमें बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। व्यापार समझौता किसानों के हितों के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मोहन यादव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए घातक साबित होगा। उनके अनुसार इस समझौते से विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा और स्थानीय उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना चर्चा, पारदर्शिता और विशेषज्ञों की राय लिए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। “किसान पहले ही महंगाई, डीजल–खाद की बढ़ती कीमत और फसल का उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में विदेशी व्यापार को प्राथमिकता देने वाले फैसले उनकी स्थिति को और कमजोर कर देंगे। शर्तें सार्वजनिक करने की मांग राजद नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह व्यापार समझौते की शर्तें सार्वजनिक करे और किसान संगठनों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा करे। उनका कहना था कि फैसला लेने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक होनी चाहिए और इससे प्रभावित होने वाले वर्गों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा, सरकार की आर्थिक नीतियों का भार सीधे ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है, जिससे किसान और छोटे उद्यमी दोनों प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को बढ़ावा दे रही है जबकि देश की आत्मनिर्भर कृषि और घरेलू बाजार को नुकसान पहुंच रहा है। ‘जरूरत पड़ी तो चरणबद्ध आंदोलन’ प्रदर्शन में शामिल अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्र के आर्थिक फैसलों से आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापार समझौता वापस नहीं लिया गया, तो राजद चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेगा और जिले से लेकर राजधानी तक विरोध की आवाज उठाई जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के बजाय ऐसे फैसले किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेगी। पुतला दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में राजद नेताओं ने कहा कि किसानों और आम जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक केंद्र सरकार अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करती, विरोध जारी रहेगा। सुपौल में गुरुवार शाम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ में राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के लोहियानगर चौक पर राजद किसान प्रकोष्ठ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहन यादव ने किया। इसमें बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। व्यापार समझौता किसानों के हितों के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मोहन यादव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए घातक साबित होगा। उनके अनुसार इस समझौते से विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा और स्थानीय उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना चर्चा, पारदर्शिता और विशेषज्ञों की राय लिए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। “किसान पहले ही महंगाई, डीजल–खाद की बढ़ती कीमत और फसल का उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में विदेशी व्यापार को प्राथमिकता देने वाले फैसले उनकी स्थिति को और कमजोर कर देंगे। शर्तें सार्वजनिक करने की मांग राजद नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह व्यापार समझौते की शर्तें सार्वजनिक करे और किसान संगठनों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा करे। उनका कहना था कि फैसला लेने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक होनी चाहिए और इससे प्रभावित होने वाले वर्गों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा, सरकार की आर्थिक नीतियों का भार सीधे ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है, जिससे किसान और छोटे उद्यमी दोनों प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को बढ़ावा दे रही है जबकि देश की आत्मनिर्भर कृषि और घरेलू बाजार को नुकसान पहुंच रहा है। ‘जरूरत पड़ी तो चरणबद्ध आंदोलन’ प्रदर्शन में शामिल अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्र के आर्थिक फैसलों से आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापार समझौता वापस नहीं लिया गया, तो राजद चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेगा और जिले से लेकर राजधानी तक विरोध की आवाज उठाई जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के बजाय ऐसे फैसले किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेगी। पुतला दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में राजद नेताओं ने कहा कि किसानों और आम जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक केंद्र सरकार अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करती, विरोध जारी रहेगा।  

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