‘वायरल फीवर’ का खतरा बढ़ा ! रोज अस्पताल पहुंच रहे 450 मरीज, ऐसे करें बचाव

‘वायरल फीवर’ का खतरा बढ़ा ! रोज अस्पताल पहुंच रहे 450 मरीज, ऐसे करें बचाव

MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर में मौसम के अचानक बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। तापमान में 7 से 8 डिग्री तक के उतार-चढ़ाव के कारण बीते एक सप्ताह में वायरल फीवर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने के साथ डिहाइड्रेशन के मामले सामने आते हैं, लेकिन इस बार तापमान में गिरावट के चलते सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायतें अधिक देखने को मिल रही हैं।

एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पिछले 8 से 10 दिनों के दौरान मरीजों की संख्या में 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। यहां प्रतिदिन 400 से 450 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। पहले जहां वायरल फीवर के मरीजों की हिस्सेदारी 10 से 15 फीसदी थी, अब यह बढ़कर 25 से 30 फीसदी तक पहुंच गई है। जिला अस्पताल में भी यही स्थिति बनी हुई है, जहां मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

मौसम में उतार-चढ़ाव से कमजोर हो रही इम्युनिटी

डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसमें तेज खांसी, गले में संक्रमण और हल्का बुखार जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। मौसम के उतार-चढ़ाव से उनकी इम्युनिटी कमजोर हो रही है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं।

वहीं, बुजुर्गों में हाथ-पैरों में दर्द, जकड़न और कमजोरी की शिकायत बढ़ गई है। ठंडी हवा और तापमान में गिरावट के कारण जोड़ों के दर्द में भी इजाफा हो रहा है। एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. अशोक ठाकुर के मुताबिक, कई मरीजों में 2 से 3 दिन तक तेज बुखार, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में यह सामान्य वायरल संक्रमण है, जो उचित इलाज और आराम से ठीक हो रहा है।

बचाव के उपाय

  • ठंडी चीजों से परहेज करें, गुनगुना पानी पीएं।
  • बाहर के खाने से परहेज करें व ताजा भोजन ही करें।
  • अधिक तला गला खाने से बचे व अधिक ठंडे पेय पदार्थ न पीएं।
  • बुखार, खांसी या शरीर दर्द को नजरअंदाज न करें, समय पर इलाज लें।

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