रिंग रोड से बदलेगी करनाल की तस्वीर:6 लेन के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट से 23 गांव जुड़ेंगे, 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा

रिंग रोड से बदलेगी करनाल की तस्वीर:6 लेन के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट से 23 गांव जुड़ेंगे, 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा

करनाल जिले में नेशनल हाइवे-44 से जुड़ने वाला ग्रीनफील्ड रिंग रोड तेजी से आकार ले रहा है। 1700 करोड़ की लागत से बनने वाला करीब 34.5 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन मार्ग जिले के 23 गांवों से होकर गुजरेगा और शहर के अंदर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करेगा। परियोजना का निर्माण कार्य जारी है और आने वाले 5-6 महीनों में इसे लोगों के लिए शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। करीब साढ़े 34 किलोमीटर लंबा यह रिंग रोड 60 मीटर चौड़ाई के साथ 6 लेन में तैयार किया जा रहा है। यह करनाल के पश्चिम में शामगढ़ गांव के पास विवान होटल के आसपास से शुरू होगा। यहां से यह दरड़, नेवल, शेखपुरा और गंजोगढ़ी होते हुए कुटेल गांव के पास प्रस्तावित टोल प्लाजा तक पहुंचेगा। रिंग रोड की दूसरी अलाइनमेंट नेशनल हाइवे से गुजरती पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर बनी सड़क से जुड़ेगी, जो कैथल रोड को क्रॉस करती हुई आगे बड़ौता गांव तक जाएगी। इसके बाद यह खरकाली और झिमरहेड़ी से होते हुए एनएच-44 को क्रॉस कर मुख्य रिंग रोड से जुड़ेगी। इस तरह यह मेरठ रोड, कुंजपुरा रोड और इंद्री रोड को भी आपस में जोड़ेगा। 23 गांवों की जमीन शामिल, लंबे समय से था इंतजार
इस परियोजना में कुल 23 गांवों की जमीन शामिल है। नीलोखेड़ी खंड के शामगढ़, दादूपर, झंझाड़ी, कुराली, दरड़, सलारू, टपराना, दनियालपुर और नेवल गांव इससे जुड़ेंगे। करनाल क्षेत्र के कुंजपुरा, सुभरी, छपराखेड़ा, सुहाना, शेखपुरा, रांवर, गंजोगढ़ी, बड़ौता, कुटेल और ऊंचा समाना गांव भी इस मार्ग का हिस्सा हैं। घरौंडा क्षेत्र के खरकाली, झिमरहेड़ी, समालखा और बिजना गांव भी रिंग रोड से सीधे कनेक्ट होंगे। इन गांवों के लोग लंबे समय से इस परियोजना के शुरू होने और पूरा होने का इंतजार कर रहे थे। करीब 1700 करोड़ की लागत, भारतमाला परियोजना का हिस्सा
करनाल ग्रीनफील्ड रिंग रोड (लॉट-4/पैकेज-1) भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1690 से 1700 करोड़ रुपए है। परियोजना में 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 50 प्रतिशत हरियाणा सरकार द्वारा दी जा रही है। इसका निर्माण कार्य एचजी इंफ्रा कंपनी को दिया गया है। यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड हाइवे होगा, जिसमें पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे। 20 जून 2023 को हुआ था शिलान्यास
इस रिंग रोड का शिलान्यास 20 जून 2023 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इसके बाद 31 अगस्त 2023 को निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ। योजना के अनुसार यह काम 30 अगस्त 2025 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब फरवरी 2026 तक यह प्रोजेक्ट काफी हद तक तैयार हो चुका है। आने वाले 5-6 महीनों में इसका निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। लॉजिस्टिक पार्क से बढ़ेगा व्यापार
इस रिंग रोड परियोजना के तहत गंजोगढ़ी गांव के पास करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां मैकेनाइज्ड वेयरहाउस और कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान के भंडारण और परिवहन में सुविधा मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
रिंग रोड बनने के बाद एनएच-44 पर लगने वाला दबाव कम होगा। अभी दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले भारी वाहन शहर के अंदरूनी हिस्सों से होकर गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड शुरू होने के बाद भारी वाहनों को सीधे बाहरी मार्ग मिल जाएगा। इससे शहर की आंतरिक सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और सफर आसान बनेगा। हरविंद्र कल्याण बोले- तेजी से चल रहा काम
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष और घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि रिंग रोड का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले 5-6 महीनों में यह काम पूरा कर लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना करनाल के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। करनाल के लिए यह रिंग रोड आने वाले समय में बड़ी सुविधा साबित होगा। शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए यह परियोजना लंबे समय तक राहत देने का काम करेगी।

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