धनबाद में गणतंत्र दिवस पर राइफल प्रदर्शनी:शूटिंग स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए राइफल व मेडल किया प्रदर्शित

धनबाद में गणतंत्र दिवस पर राइफल प्रदर्शनी:शूटिंग स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए राइफल व मेडल किया प्रदर्शित

धनबाद के रणधीर प्रसाद वर्मा स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राइफल शूटिंग क्लब द्वारा शूटिंग स्पोर्ट्स से संबंधित राइफल, बंदूक और मेडल की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं को शूटिंग खेल के प्रति जागरूक करना और उन्हें इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। झारखंड राइफल शूटिंग एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि शूटिंग एक अनुशासित और तकनीकी खेल है। इसे 10 वर्ष की आयु के बाद कोई भी व्यक्ति सीख सकता है। इस खेल से न केवल एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने के अवसर भी मिलते हैं। शूटिंग क्लब द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं उन्होंने यह भी जानकारी दी कि धनबाद के आईआईटी आईएसएम परिसर में शूटिंग क्लब द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इन कक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी कोच बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। कोच आर्ची कोमल स्वयं राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में बच्चों को शूटिंग की बारीकियां सिखा रही हैं। राष्ट्रीय खिलाड़ी राजेंद्र सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह प्रदर्शनी इसलिए लगाई गई है ताकि लोग शूटिंग स्पोर्ट्स को करीब से समझ सकें। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार की शूटिंग राइफलें और उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि आईआईटी आईएसएम परिसर में प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निःशुल्क शूटिंग प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें 10 वर्ष से अधिक आयु के कोई भी व्यक्ति शामिल होकर राइफल शूटिंग सीख सकते हैं। यह पहल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने की नई दिशा प्रदान कर रही है। धनबाद के रणधीर प्रसाद वर्मा स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राइफल शूटिंग क्लब द्वारा शूटिंग स्पोर्ट्स से संबंधित राइफल, बंदूक और मेडल की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं को शूटिंग खेल के प्रति जागरूक करना और उन्हें इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। झारखंड राइफल शूटिंग एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि शूटिंग एक अनुशासित और तकनीकी खेल है। इसे 10 वर्ष की आयु के बाद कोई भी व्यक्ति सीख सकता है। इस खेल से न केवल एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने के अवसर भी मिलते हैं। शूटिंग क्लब द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं उन्होंने यह भी जानकारी दी कि धनबाद के आईआईटी आईएसएम परिसर में शूटिंग क्लब द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इन कक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी कोच बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। कोच आर्ची कोमल स्वयं राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में बच्चों को शूटिंग की बारीकियां सिखा रही हैं। राष्ट्रीय खिलाड़ी राजेंद्र सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह प्रदर्शनी इसलिए लगाई गई है ताकि लोग शूटिंग स्पोर्ट्स को करीब से समझ सकें। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार की शूटिंग राइफलें और उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि आईआईटी आईएसएम परिसर में प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निःशुल्क शूटिंग प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें 10 वर्ष से अधिक आयु के कोई भी व्यक्ति शामिल होकर राइफल शूटिंग सीख सकते हैं। यह पहल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ने की नई दिशा प्रदान कर रही है।  

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