रीको का मेगा प्लान, 900 किमी लंबे हाईवे-एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेंगे नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

रीको का मेगा प्लान, 900 किमी लंबे हाईवे-एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेंगे नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

New industrial corridors in Rajasthan: जयपुर। प्रदेश में बन रहे और प्रस्तावित राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय हाईवे और एक्सप्रेस-वे के नजदीक औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। सरकार की मंशा है कि इन प्रमुख सड़कों के दोनों ओर बड़े औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाएं, ताकि निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिल सके।

इसी कड़ी में रीको ने सभी जिला कलक्टरों को मुख्यतया ऐसे इलाकों में जमीन चिन्हित कर जल्द से जल्द आवंटन करने के लिए कहा है। रीको ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में सरकारी जमीन चिह्नित की जाए, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध हो सके। साथ ही निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ेगी। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट ग्लोबल समिट के निवेशकों के लिए भी भूमि की जरूरत है और उन्हें भी नए औद्याेगिक क्षेत्रों में भी जमीन दी जाएगी।

इसलिए हाईवे पर फोकस

रीको का विशेष फोकस उन हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर है, जो या तो निर्माणाधीन हैं या प्रस्तावित हैं। इन क्षेत्रों में जमीन उपलब्धता अपेक्षाकृत आसान होने के साथ औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने में भी कम अड़चनें आती हैं। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की सूची भी तैयार की गई है।

व्यापार और रोजगार को मिलेगा विस्तार

  • स्थानीय उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन, व्यापार का दायरा बढ़ेगा।
  • रियल एस्टेट, इंडस्ट्रियल एरिया और सहायक उद्योगों का विकास होगा।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे, पलायन रुकेगा।

प्रमुख प्रस्तावित व निर्माणाधीन हाईवे, एक्सप्रेस-वे

  • जयपुर-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेस-वे : करीब 350 किलोमीटर, दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से कनेक्टिविटी।
  • बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे : 295 किलोमीटर, हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर कार्य।
  • जयपुर उत्तरी रिंग रोड : आगरा रोड, टोंक रोड, अजमेर रोड और दिल्ली मार्ग को जोड़ेगा।
  • जोधपुर रिंग रोड : करीब 127 किलोमीटर, शहर को चारों ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेगा।

अभी तक यहां मिली जमीन

दौसा-बांदीकुई क्षेत्र में यूआइटी ने 1113 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है। भिवाड़ी में बीड़ा ने भूमि उपलब्ध कराई है। हालांकि कई जिलों में जमीन छोटे-छोटे टुकड़ों में मिलने से दिक्कत आ रही है। इसी कारण जिला कलक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि हाईवे के पास बड़े क्षेत्रफल में एकमुश्त जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि औद्योगिक विकास तेज हो सके।

उद्योगों से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में उद्योगों का योगदान लगातार बढ़ रहा है। ग्रास स्टेट वैल्यू एडिशन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 में यह 2.25 लाख करोड़ रुपए था, जो 2023-24 में बढ़कर 3.58 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी :
https://bit.ly/4bg81fl

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *