मेरठ के सदर थानाक्षेत्र के आबूलेन में काठ के पुल के पास शुक्रवार को ईरिक्शा नाले में गिर गया। ईरिक्शा के नाले में गिरने से चालक सनी पुत्र गुरदीप की दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर पहुंची थानापुलिस ने चालक को नाले से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि अभी नोएडा के सेक्टर-150 में खुले नाले की वजह से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मेरठ के कैंट बोर्ड की लापरवाही ने वैसी ही एक और जान ले ली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले पर बाउंड्री नहीं है इसलिए आए दिन ऐसे हादसे होते हैं। हादसे में ई-रिक्शा के नीचे दबने और गंदे पानी में डूबने से चालक सनी (42) की दर्दनाक मौत हो गई। आधे घंटे तक नाले में तड़पता रहा रिक्शा चालक
लोगों ने बताया कि सदर बाजार के रजबन की खटीक कालोनी निवासी गुरदीप सिंह का बेटा सनी ईरिक्शा चलाता है। इसी ईरिक्शे को चलाकर सनी अपना घर चलाता है। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मौसम खराब होने के बाद वह बेगमपुल से सवारी उतारकर नाले की पटरी के रास्ते अपने घर लौट रहा था। काठ के पुल से आगे रजबन की ओर जाने वाली सड़क पर तीखी ढलान है। बारिश और खराब मौसम के बीच ढलान पर ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया। नाले के किनारे कोई सुरक्षा दीवार नहीं थी ऐसे में रिक्शा सीधे नाले में जा पलटा और सनी उसके नीचे दब गया। गनीमत रही कि रिक्शे में कोई सवारी नहीं थी वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
नोएडा में भी हुई इंजीनियर की मौत
जिस तरह नोएडा में युवराज घंटों मदद का इंतजार करता रहा वैसा ही मंजर मेरठ में भी दिखा। सनी करीब आधे घंटे तक नाले में ई-रिक्शा के नीचे दबा रहा। इस दौरान भीड़ तमाशबीन बनी रही और पुलिस भी सूचना के 30 मिनट बाद पहुंची। अगर समय रहते रेस्क्यू किया जाता तो शायद सनी की जान बच सकती थी।
भीड़ जुटी लेकिन बचा नहीं पाई
हादसे के बाद मचे शोर को सुनकर भीड़ तो जुटी लेकिन सनी को बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया गया। सूचना मिलने के आधे घंटे बाद पहुंची सदर बाजार पुलिस ने लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला और प्यारेलाल शर्मा जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर मौजूद रजबन के लोगों ने शव की पहचान सनी के रूप में की। सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि मृतक के भाई गुलशन के अनुसार सनी को दौरे भी पड़ते थे। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया।


