शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़े चर्चित प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई और उसके नतीजों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। मुकदमा दर्ज हुए करीब 13 दिन गुजर जाने के बाद भी इस मामले में निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
13 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर
पुलिस की चार टीमें अलग-अलग जिलों में दबिश देने का दावा कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। 22 फरवरी को मामला दर्ज होने के बाद से ही मुख्य आरोपी बाबू संजीव सिंह गायब हो गया हैं। तो वही 23 फरवरी को जांच के दौरान जब टीम बेसिक शिक्षा कार्यालय पहुंची थी, उस समय बीएसए शालिनी श्रीवास्तव घंटो बाद कार्यालय आई औऱ देर रात्रि मौजूद थीं और उनसे पूछताछ भी की गई थी। इसके बाद अचानक उनका लापता हो जाना औऱ हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल करना, कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
मोबाइल बंद होने से लोकेशन ट्रेस होने में आ रही है दिक्कत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देवरिया से लेकर गोरखपुर, कुशीनगर और आसपास के कई जिलों में लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है। पुलिस का तर्क है कि आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही है।
मृत शिक्षक के परिजन लगाए हैं न्याय की आस
सूत्रों से मिली जानकारी के बाद दोनों आरोपी अपने अपने परिवार व BSA ऑफिस के कुछ खास बाबुओं के टच में हैं, लेकिन पुलिस के सूत्र फेल होता दिख रहा हैं। उधर मृतक शिक्षक के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जनप्रतिनिधि और प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षक संगठनों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लेकिन वही असर, बेअसर होता दिखनें लगा हैं। गोरखपुर के गुलहरिया थाने में दर्ज मुकदमे में फरार चल रही सस्पेंड BSA और क्लर्क पर 10 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है।


