प्रदेश के सीएम भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को संशोधित बजट में भरतपुर को कई और सौगातें दी हैं। इनमें करीब एक सदी पहले ब्रिटिश शासनकाल में लिपिकीय त्रुटि से बदला गया नाम आखिरकार अब अपने मूल स्वरूप में लौट आया। राज्य सरकार ने “कामां” का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से “कामवन” करने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से चली आ रही जनभावना और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद यह फैसला हुआ। घोषणा के साथ ही क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया। विधायक कार्यालय पर मिठाई बांटी गई और आतिशबाजी कर खुशी जताई गई। विधायक नौक्षम चौधरी ने बताया कि “कामां” केवल अपभ्रंश था, जबकि ब्रज परंपरा, प्राचीन वंशावलियां और वैष्णव ग्रंथ इसे सदियों से “कामवन” के नाम से ही स्वीकारते रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव केवल नाम का नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। इसी क्रम में वैर के लाल महल स्थित मंदिर एवं किले के जीर्णोद्धार तथा भरतपुर के लोहागढ़ किले के अंदर जर्जर पुरातात्विक महत्व के ढांचों और मिट्टी की फोर्ट वॉल के पुनरुद्धार के लिए बजट प्रावधान किया गया है। ब्रज के 12 वनों की परंपरा से जुड़ा है कामवन धार्मिक मान्यता के अनुसार “कामवन” ब्रज के 12 प्रमुख वनों की परंपरा से जुड़ा हुआ है और भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं से इसका संबंध माना जाता है। यही कारण है कि नाम परिवर्तन को क्षेत्र की आस्था और इतिहास से जोड़कर देखा जा रहा है। कामां का नाम कामवन होने से लोगांे में भी हर्ष है। उन्होंने इसे क्षेत्र के लोगों की जीत बताया। सीएम शर्मा के पैतृक गांव अटारी में खुलेगा कॉलेज नदबई| सीएम भजनलाल शर्मा ने संशोधित बजट में अपने गांव अटारी में नवीन महाविद्यालय की घोषणा ओर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की सहूलियत को लेकर अटारी में स्थित पीएचसी को भी सामुदायिक अस्पताल में क्रमोन्नत किया गया। संशोधित बजट में अटारी में नवीन महाविद्यालय व पीएचसी को सामुदायिक चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने सहित नदबई में पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता कार्यालय, कठूमर से डहरा मोड़ के बीच करीब 22 करोड लागत से सड़क की घोषणा की गई। कठूमर से वाया मसारी, भरीथल से अटारी तक सड़क का निर्माण होगा। अटारी में नवीन महाविद्यालय खुलने से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा में सहूलियत होगी। वहीं, पीएचसी को सामुदायिक चिकित्सालय में क्रमोन्नत होने से मरीजों को भी जिला मुख्यालय तक उपचार के लिए भटकने से राहत मिलेगी। भास्कर इनसाइट – भरतपुर-वैर किले को मिले बजट से अब बढ़ेगा पर्यटन
रामनगर दो मोरा कैनाल के लिए 22 करोड़ और किलों के संरक्षण के लिए 2 करोड़ की घोषणा यह संकेत देती है कि सरकार पानी और विरासत-दोनों को संतुलित प्राथमिकता दे रही है। कैनाल का काम समय पर और गुणवत्ता के साथ हुआ तो सिंचाई तंत्र मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं लोहागढ़ व वैर किले में संरक्षण कार्य पर्यटन सर्किट को गति दे सकते हैं। कामां का नाम ‘कामवन’ करना सांस्कृतिक-राजनीतिक संदेश है, जबकि अटारी में कॉलेज, पीएचसी का क्रमोन्नयन और नदबई में पीडब्ल्यूडी कार्यालय खोलना स्थानीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम है। वहीं कामां का नाम कामवन किए जाने पर नरसिंह भगवान मंदिर के महंत धनंजय दास ने बताया कि इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान और सशक्त हो सकेगी।


