भारत सरकार के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के डिप्टी सेक्रेटरी दीप पंत ने अयोध्या का दौरा किया। उन्होंने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में चल रहे इंटीग्रेटेड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.) अभियान की समीक्षा की और स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पी. सी. भारती ने बताया कि जनपद के तारुन और मया बाजार विकासखंडों में आई.डी.ए. अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान भारत और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 28 फरवरी 2026 तक के लक्ष्य को पूरा करेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें क्षेत्रीय कार्यालय से आशीष बाजपेई और राज्य मलेरिया मुख्यालय लखनऊ से अमित शुक्ला भी उपस्थित रहे। बैठक में दोनों ब्लॉकों में चल रहे कार्यों, सुपरविजन व्यवस्था और दैनिक मॉनिटरिंग की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। समीक्षा के बाद, डिप्टी सेक्रेटरी श्री पंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मया बाजार पहुंचे। उन्होंने वहां अभिलेखों का सत्यापन किया और अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम की प्रगति का अवलोकन किया। इसके उपरांत, उन्होंने ग्राम जागापुर में स्थलीय निरीक्षण कर लाभार्थियों से संवाद किया। निरीक्षण के दौरान, आशा कार्यकर्ताएं और सुपरवाइजर घर-घर जाकर दवा खिलाने, फैमिली रजिस्टर का रखरखाव करने और वॉल मार्किंग का कार्य कर रहे थे। एक लाभार्थी ने बताया कि उसने खाली पेट दवा नहीं ली थी। इस पर आशा कार्यकर्ता ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके घर भोजन बनवाया और दवा का सेवन सुनिश्चित कराया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रमाणित फाइलेरिया रोधी दवाएं सुरक्षित हैं। गंभीर रोगियों, गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्तियों को दवा सामने खिलाई जा रही है। कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर सक्रियता से संतुष्ट होकर डिप्टी सेक्रेटरी श्री पंत ने टीम की सराहना की। इस भ्रमण के दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी विचित्र मढ़ी त्रिपाठी, डब्ल्यूएचओ के डॉ. नित्यानंद ठाकुर सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।


