दरभंगा प्रमंडल में आज प्रशासनिक बैठकों का सिलसिला जारी रहा। प्रमंडलीय सभागार और समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में अलग-अलग बैठकों में माप-तौल विभाग, पीएचईडी की योजनाओं और राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। पहली बैठक में हिमांशु कुमार राय, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल की अध्यक्षता में प्रमंडल के तीनों जिलों—दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर—के जिला माप-तौल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। आयुक्त ने माप-तौल विभाग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों और जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों का नियमित और सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि उपभोक्ताओं को सही माप और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके। साथ ही व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को लाइसेंस निर्गमन की प्रक्रिया पारदर्शी, तुरंत और सुगम बनाने पर बल दिया गया। राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम राजस्व संकलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी-सह-क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य, उप नियंत्रक माप और तौल प्रभाकर भारती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। समाहरणालय स्थित सभागार में कौशल कुमार, जिला पदाधिकारी, दरभंगा की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (पीएचईडी) की पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 666 स्थलों पर बोरिंग काम प्रस्तावित है, जिनमें से 319 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुका है और 35 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है। शेष स्थलों पर कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया जारी है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संग्रहण राज्य की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन का निर्देश दिया गया। दरभंगा प्रमंडल में आज प्रशासनिक बैठकों का सिलसिला जारी रहा। प्रमंडलीय सभागार और समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में अलग-अलग बैठकों में माप-तौल विभाग, पीएचईडी की योजनाओं और राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। पहली बैठक में हिमांशु कुमार राय, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल की अध्यक्षता में प्रमंडल के तीनों जिलों—दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर—के जिला माप-तौल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। आयुक्त ने माप-तौल विभाग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों और जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों का नियमित और सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि उपभोक्ताओं को सही माप और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके। साथ ही व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को लाइसेंस निर्गमन की प्रक्रिया पारदर्शी, तुरंत और सुगम बनाने पर बल दिया गया। राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम राजस्व संकलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी-सह-क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य, उप नियंत्रक माप और तौल प्रभाकर भारती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। समाहरणालय स्थित सभागार में कौशल कुमार, जिला पदाधिकारी, दरभंगा की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (पीएचईडी) की पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 666 स्थलों पर बोरिंग काम प्रस्तावित है, जिनमें से 319 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुका है और 35 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है। शेष स्थलों पर कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया जारी है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संग्रहण राज्य की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन का निर्देश दिया गया।


