सहरसा कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके लिए टोकन डिस्प्ले सिस्टम और पीओएस प्रिंटर की स्थापना शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, सभी संस्थानों में चिकित्सकों और कर्मियों की ड्यूटी तालिका उनके नाम व मोबाइल नंबर सहित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन कंसल्टेशन की स्थिति कमजोर मिली
भव्या पोर्टल की समीक्षा के दौरान सहरसा जिले की रैंकिंग संतोषजनक नहीं पाई गई। राज्य स्तर पर जिला 13वें स्थान पर है। सदर अस्पताल में ऑनलाइन कंसल्टेशन की स्थिति कमजोर मिली, जबकि सलखुआ का प्रदर्शन भी असंतोषजनक रहा। कम प्रदर्शन वाले संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। डीएम ने ओपीडी में कमी वाले संस्थानों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच, समय पर ड्यूटी और मरीजों को त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
उन्होंने कहा कि मरीजों का निबंधन के बाद बिना अनावश्यक विलंब के इलाज हो और दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, जिससे औसत जर्नी टाइम और वेटिंग टाइम में कमी लाई जा सके। टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, वेक्टर जनित व गैर संचारी रोग नियंत्रण, टेलीमेडिसिन, आयुष्मान भारत योजना और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन की भी समीक्षा की गई। सभी केंद्रों पर जन आरोग्य समिति का गठन और मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिविल सर्जन सहित सभी संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। सहरसा कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके लिए टोकन डिस्प्ले सिस्टम और पीओएस प्रिंटर की स्थापना शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, सभी संस्थानों में चिकित्सकों और कर्मियों की ड्यूटी तालिका उनके नाम व मोबाइल नंबर सहित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन कंसल्टेशन की स्थिति कमजोर मिली
भव्या पोर्टल की समीक्षा के दौरान सहरसा जिले की रैंकिंग संतोषजनक नहीं पाई गई। राज्य स्तर पर जिला 13वें स्थान पर है। सदर अस्पताल में ऑनलाइन कंसल्टेशन की स्थिति कमजोर मिली, जबकि सलखुआ का प्रदर्शन भी असंतोषजनक रहा। कम प्रदर्शन वाले संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। डीएम ने ओपीडी में कमी वाले संस्थानों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच, समय पर ड्यूटी और मरीजों को त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
उन्होंने कहा कि मरीजों का निबंधन के बाद बिना अनावश्यक विलंब के इलाज हो और दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, जिससे औसत जर्नी टाइम और वेटिंग टाइम में कमी लाई जा सके। टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, वेक्टर जनित व गैर संचारी रोग नियंत्रण, टेलीमेडिसिन, आयुष्मान भारत योजना और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन की भी समीक्षा की गई। सभी केंद्रों पर जन आरोग्य समिति का गठन और मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिविल सर्जन सहित सभी संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।


