खगड़िया में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी, अनुशासित और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी (डीएम) नवीन कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालयों में कम उपस्थिति पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया और कड़े निर्देश दिए। बैठक में ज्ञानदीप पोर्टल पर बच्चों के नामांकन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में छात्राओं की औसत उपस्थिति, शिक्षकों व रसोइयों की हाजिरी, वेतन-पेंशन भुगतान, टैबलेट रजिस्ट्रेशन और शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक संघ के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षक संघ के साथ कल एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। डीएम नवीन कुमार ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और उनके त्वरित समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए DM ने छात्रों के परिभ्रमण कार्यक्रमों में इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटी कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों के प्रति जागरूक करना है। कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए इसके अलावा, इंटर स्कूल (KGBV) स्तर पर खेलकूद और कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए गए। इससे छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। समीक्षा में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया कि जिले में कुल 1,01,047 बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम पाई गई। इस कारण वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह गए। मानसी और खगड़िया प्रखंडों का प्रदर्शन विशेष रूप से कमजोर रहा, जिसके लिए संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है। खगड़िया में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी, अनुशासित और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी (डीएम) नवीन कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालयों में कम उपस्थिति पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया और कड़े निर्देश दिए। बैठक में ज्ञानदीप पोर्टल पर बच्चों के नामांकन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में छात्राओं की औसत उपस्थिति, शिक्षकों व रसोइयों की हाजिरी, वेतन-पेंशन भुगतान, टैबलेट रजिस्ट्रेशन और शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक संघ के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षक संघ के साथ कल एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। डीएम नवीन कुमार ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और उनके त्वरित समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए DM ने छात्रों के परिभ्रमण कार्यक्रमों में इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटी कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों के प्रति जागरूक करना है। कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए इसके अलावा, इंटर स्कूल (KGBV) स्तर पर खेलकूद और कौशल आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए गए। इससे छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। समीक्षा में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया कि जिले में कुल 1,01,047 बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम पाई गई। इस कारण वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह गए। मानसी और खगड़िया प्रखंडों का प्रदर्शन विशेष रूप से कमजोर रहा, जिसके लिए संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है।


