मुजफ्फरपुर में शनिवार कोतिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक(डीआईजी) चंदन कुशवाहा की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहर के वरीय पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। इस दौरान लंबित मामलों के निपटारे, अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की गहन समीक्षा की गई। होली और ईद को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने, संवेदनशील स्थलों की पहचान करने, शांति समिति की बैठक आयोजित करने और सीसीए के तहत प्रस्ताव भेजने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, गुंडा पंजी में दर्ज अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को भी कहा गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी माह में तिरहुत क्षेत्र के जिलों में कुल 3262 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 4039 मामलों का निपटारा किया गया। यह दर्ज मामलों से 777 अधिक है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया। वहीं कम निष्पादन वाले 98 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया।
कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश शस्त्र बरामदगी से संबंधित 200 मामले अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित पाए गए, जिन्हें शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी), विसरा जांच और अन्य परीक्षण रिपोर्टों से संबंधित लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया। डीआईजी ने स्पीडी ट्रायल मामलों में गवाहों की उपस्थिति की दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, 7493 लंबित ई-सम्मन के त्वरित निपटारे, सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधियों के ई-डोजियर के रखरखाव और कुख्यात अपराधियों की जमानत रद्द कराने की कार्रवाई में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। थाना मालखाना, बैंक और संस्थानों की सुरक्षा की समीक्षा सभी थानों में मालखाना प्रभार सुनिश्चित कराने और लंबित समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। साथ ही बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, ग्राहक सेवा केंद्रों, ज्वेलरी दुकानों और गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मॉनिटरिंग और मुख्यालय निर्देशों के अनुपालन पर जोर पुलिस उप महानिरीक्षक ने सभी पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक 15 दिन पर शाखाओं की समीक्षा करने, लंबित मामलों को शून्य स्तर पर लाने तथा पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुजफ्फरपुर में शनिवार कोतिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक(डीआईजी) चंदन कुशवाहा की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहर के वरीय पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। इस दौरान लंबित मामलों के निपटारे, अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की गहन समीक्षा की गई। होली और ईद को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने, संवेदनशील स्थलों की पहचान करने, शांति समिति की बैठक आयोजित करने और सीसीए के तहत प्रस्ताव भेजने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, गुंडा पंजी में दर्ज अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को भी कहा गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी माह में तिरहुत क्षेत्र के जिलों में कुल 3262 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 4039 मामलों का निपटारा किया गया। यह दर्ज मामलों से 777 अधिक है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया। वहीं कम निष्पादन वाले 98 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया।
कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश शस्त्र बरामदगी से संबंधित 200 मामले अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित पाए गए, जिन्हें शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी), विसरा जांच और अन्य परीक्षण रिपोर्टों से संबंधित लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया। डीआईजी ने स्पीडी ट्रायल मामलों में गवाहों की उपस्थिति की दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, 7493 लंबित ई-सम्मन के त्वरित निपटारे, सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधियों के ई-डोजियर के रखरखाव और कुख्यात अपराधियों की जमानत रद्द कराने की कार्रवाई में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। थाना मालखाना, बैंक और संस्थानों की सुरक्षा की समीक्षा सभी थानों में मालखाना प्रभार सुनिश्चित कराने और लंबित समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। साथ ही बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, ग्राहक सेवा केंद्रों, ज्वेलरी दुकानों और गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मॉनिटरिंग और मुख्यालय निर्देशों के अनुपालन पर जोर पुलिस उप महानिरीक्षक ने सभी पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक 15 दिन पर शाखाओं की समीक्षा करने, लंबित मामलों को शून्य स्तर पर लाने तथा पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


