सुपौल जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा को लेकर गुरुवार शाम समाहरणालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। इस दौरान जिले के सभी एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर और तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक में गैस आपूर्ति की स्थिति, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि फिलहाल जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं के बीच सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। इसी वजह से कुछ गैस एजेंसियों के यहां अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही है, लेकिन कुछ ही समय बाद इसकी पूर्ति भी हो जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में तत्काल किसी प्रकार के गैस संकट की संभावना नहीं है। निर्धारित नियमों के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया कि पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने की भी बात कही। डीएम ने एजेंसी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हाल में कालाबाजारी और जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी एजेंसी द्वारा अनियमितता पाई गई तो उसकी अनुज्ञप्ति रद्द करने सहित कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य उन्होंने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है, इसलिए घबराकर अधिक सिलेंडर लेने की आवश्यकता नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस की आपूर्ति की जाएगी और जिला प्रशासन इस व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। बैठक में अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुपौल सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। सुपौल जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा को लेकर गुरुवार शाम समाहरणालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। इस दौरान जिले के सभी एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर और तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक में गैस आपूर्ति की स्थिति, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि फिलहाल जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं के बीच सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। इसी वजह से कुछ गैस एजेंसियों के यहां अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही है, लेकिन कुछ ही समय बाद इसकी पूर्ति भी हो जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में तत्काल किसी प्रकार के गैस संकट की संभावना नहीं है। निर्धारित नियमों के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया कि पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने की भी बात कही। डीएम ने एजेंसी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हाल में कालाबाजारी और जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी एजेंसी द्वारा अनियमितता पाई गई तो उसकी अनुज्ञप्ति रद्द करने सहित कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य उन्होंने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है, इसलिए घबराकर अधिक सिलेंडर लेने की आवश्यकता नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस की आपूर्ति की जाएगी और जिला प्रशासन इस व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। बैठक में अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुपौल सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


