मधुबनी में ICDS योजनाओं की समीक्षा बैठक:महिला पर्यवेक्षिकाओं का 5 दिन का मानदेय काटने का निर्देश

मधुबनी में ICDS योजनाओं की समीक्षा बैठक:महिला पर्यवेक्षिकाओं का 5 दिन का मानदेय काटने का निर्देश

मधुबनी में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) के साथ आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवाएं) योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा प्रविष्टि की गुणवत्ता और सभी प्रमुख इंडिकेटर्स की समीक्षा की गई। लाभार्थियों की निगरानी और योजनाओं का क्रियान्वयन डीएम ने निर्देश दिए कि सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। गृह दौरा और सामुदायिक गतिविधियों नियमित रूप से आयोजित हों, बच्चों की वृद्धि निगरानी की जाए।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के लंबित आवेदन शीघ्र निष्पादित किए जाएं। अति कुपोषित बच्चों के चिन्हीकरण में देरी पर नाराजगी बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अति कुपोषित (SAM) बच्चों के चिन्हीकरण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिन महिला पर्यवेक्षिकाओं ने अपने क्षेत्र के SAM बच्चों की सूची संकलित नहीं की, उनके 5 दिनों के मानदेय में कटौती का आदेश दिया गया। सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं की इंडिकेटर आधारित रैंकिंग की जाएगी और खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध चयन मुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। कार्यालय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि, जहां लिपिक या प्रधान लिपिक के पद रिक्त हैं, वहां अन्य योग्य कर्मियों को प्रभार देकर कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में लापरवाही और लक्ष्य प्राप्ति में शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पोषण अभियान को मिशन मोड में संचालित कर जिला रैंकिंग में सुधार लाया जाए। इस बैठक के माध्यम से जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ICDS योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों की देखभाल जिले की प्राथमिकता होगी, और किसी भी तरह की लापरवाही को tolerence नहीं दी जाएगी। मधुबनी में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) के साथ आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवाएं) योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा प्रविष्टि की गुणवत्ता और सभी प्रमुख इंडिकेटर्स की समीक्षा की गई। लाभार्थियों की निगरानी और योजनाओं का क्रियान्वयन डीएम ने निर्देश दिए कि सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। गृह दौरा और सामुदायिक गतिविधियों नियमित रूप से आयोजित हों, बच्चों की वृद्धि निगरानी की जाए।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के लंबित आवेदन शीघ्र निष्पादित किए जाएं। अति कुपोषित बच्चों के चिन्हीकरण में देरी पर नाराजगी बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अति कुपोषित (SAM) बच्चों के चिन्हीकरण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिन महिला पर्यवेक्षिकाओं ने अपने क्षेत्र के SAM बच्चों की सूची संकलित नहीं की, उनके 5 दिनों के मानदेय में कटौती का आदेश दिया गया। सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं की इंडिकेटर आधारित रैंकिंग की जाएगी और खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध चयन मुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। कार्यालय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि, जहां लिपिक या प्रधान लिपिक के पद रिक्त हैं, वहां अन्य योग्य कर्मियों को प्रभार देकर कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में लापरवाही और लक्ष्य प्राप्ति में शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पोषण अभियान को मिशन मोड में संचालित कर जिला रैंकिंग में सुधार लाया जाए। इस बैठक के माध्यम से जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ICDS योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों की देखभाल जिले की प्राथमिकता होगी, और किसी भी तरह की लापरवाही को tolerence नहीं दी जाएगी।  

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