सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के विभिन्न कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में निदेशक एनईपी सह डीआरडीए, सुपौल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित जिले के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मनरेगा जॉब कार्ड धारकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए, ताकि योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की पूर्णता में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही जिन पंचायतों में अब तक खेल मैदान का निर्माण नहीं हुआ है, वहां शीघ्र स्थल चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन के लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चिन्हित ग्रामीण हाट के अलावा भी अन्य संभावित स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। बैठक में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित वीबी-जीआरएएमजी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो सके। सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के विभिन्न कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में निदेशक एनईपी सह डीआरडीए, सुपौल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित जिले के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मनरेगा जॉब कार्ड धारकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए, ताकि योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की पूर्णता में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही जिन पंचायतों में अब तक खेल मैदान का निर्माण नहीं हुआ है, वहां शीघ्र स्थल चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन के लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चिन्हित ग्रामीण हाट के अलावा भी अन्य संभावित स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। बैठक में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित वीबी-जीआरएएमजी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो सके।


