गोपालगंज में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय सभा कक्ष में हुई इस बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने की। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा, बैकुंठपुर विधायक मिथलेश तिवारी, बरौली विधायक मनजीत सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष अमित कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सांसद और सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। परियोजना 31 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी बैठक में रेलवे, शिक्षा, उच्च शिक्षा, सामाजिक आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर विशेष चर्चा हुई। रेलवे से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान सीनियर डिविजनल इंजीनियर, वाराणसी ने बताया कि सासामुसा से तुर्कहा होते हुए गोपालगंज स्टेशन को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह परियोजना 31 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश अधिकारी ने बताया कि इस नई रेलवे लाइन से जिले की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा। इससे आमजन को आवाजाही में सुविधा मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस परियोजना को जिले के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया कि जिले के सभी शिक्षकों का लंबित वेतन शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इस निर्णय से शिक्षकों में व्याप्त असंतोष दूर होने और जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सामाजिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में पंचायत स्तर पर सामाजिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी सीओ को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर सामुदायिक विवाह भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित की जाए। उन्होंने कहा कि विवाह भवनों के निर्माण से गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी तथा पंचायत स्तर पर सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा मिलेगा। विधायक मिथलेश तिवारी द्वारा जिले में ऐसे विद्यालयों का मुद्दा उठाया गया, जिनके भवन तो बन चुके हैं, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता उपलब्ध नहीं है। छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी विद्यालयों को चिह्नित किया जाए, जहां भवन निर्माण के बावजूद संपर्क पथ की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन के साथ-साथ पहुंच पथ का होना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक प्रखंड में एक-एक डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले के कई प्रखंडों में उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी है, जिसके कारण छात्रों को दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। डिग्री कॉलेजों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल विधायक मनजीत सिंह ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, सड़कों, शिक्षा एवं अन्य योजनाओं की प्रगति को लेकर सुझाव रखे और कुछ लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। जिला परिषद अध्यक्ष अमित कुमार ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दिशा समिति की बैठक का उद्देश्य केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को विकास कार्यों की मूल शर्त बताया। गोपालगंज में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय सभा कक्ष में हुई इस बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने की। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा, बैकुंठपुर विधायक मिथलेश तिवारी, बरौली विधायक मनजीत सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष अमित कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सांसद और सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। परियोजना 31 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी बैठक में रेलवे, शिक्षा, उच्च शिक्षा, सामाजिक आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर विशेष चर्चा हुई। रेलवे से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान सीनियर डिविजनल इंजीनियर, वाराणसी ने बताया कि सासामुसा से तुर्कहा होते हुए गोपालगंज स्टेशन को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह परियोजना 31 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश अधिकारी ने बताया कि इस नई रेलवे लाइन से जिले की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा। इससे आमजन को आवाजाही में सुविधा मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस परियोजना को जिले के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया कि जिले के सभी शिक्षकों का लंबित वेतन शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इस निर्णय से शिक्षकों में व्याप्त असंतोष दूर होने और जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सामाजिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में पंचायत स्तर पर सामाजिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी सीओ को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर सामुदायिक विवाह भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित की जाए। उन्होंने कहा कि विवाह भवनों के निर्माण से गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी तथा पंचायत स्तर पर सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा मिलेगा। विधायक मिथलेश तिवारी द्वारा जिले में ऐसे विद्यालयों का मुद्दा उठाया गया, जिनके भवन तो बन चुके हैं, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता उपलब्ध नहीं है। छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी विद्यालयों को चिह्नित किया जाए, जहां भवन निर्माण के बावजूद संपर्क पथ की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन के साथ-साथ पहुंच पथ का होना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक प्रखंड में एक-एक डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले के कई प्रखंडों में उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी है, जिसके कारण छात्रों को दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। डिग्री कॉलेजों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल विधायक मनजीत सिंह ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, सड़कों, शिक्षा एवं अन्य योजनाओं की प्रगति को लेकर सुझाव रखे और कुछ लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। जिला परिषद अध्यक्ष अमित कुमार ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दिशा समिति की बैठक का उद्देश्य केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को विकास कार्यों की मूल शर्त बताया।


