मुंगेर में 17 सूत्री मांगों को लेकर जिले के राजस्व कर्मियों ने शनिवार को किला परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। राजस्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष हरि विक्रम के नेतृत्व में 29 राजस्व कर्मी इस धरने में शामिल हुए। कर्मियों ने बताया कि उनके आंदोलन को 48 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सरकार के साथ उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर काम फिर से शुरू कर दिया था। नौ महीने बीत जाने के बाद भी कोई भी मांग पूरी नहीं कर्मियों ने आरोप लगाया कि समझौते के नौ महीने बीत जाने के बाद भी उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं की गई। इसी कारण वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार विभिन्न कार्यों में राजस्व कर्मचारियों से पूरा सहयोग लेती है, लेकिन उनकी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की धरने के बाद, कर्मियों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजस्व कर्मी मौजूद थे। कर्मियों के अनुसार, उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण पूरे बिहार में राजस्व कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। मुंगेर में 17 सूत्री मांगों को लेकर जिले के राजस्व कर्मियों ने शनिवार को किला परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। राजस्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष हरि विक्रम के नेतृत्व में 29 राजस्व कर्मी इस धरने में शामिल हुए। कर्मियों ने बताया कि उनके आंदोलन को 48 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सरकार के साथ उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर काम फिर से शुरू कर दिया था। नौ महीने बीत जाने के बाद भी कोई भी मांग पूरी नहीं कर्मियों ने आरोप लगाया कि समझौते के नौ महीने बीत जाने के बाद भी उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं की गई। इसी कारण वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार विभिन्न कार्यों में राजस्व कर्मचारियों से पूरा सहयोग लेती है, लेकिन उनकी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की धरने के बाद, कर्मियों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजस्व कर्मी मौजूद थे। कर्मियों के अनुसार, उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण पूरे बिहार में राजस्व कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है।


