राजनांदगांव जिले में ग्रामीणों के राजस्व संबंधी मामलों को सुलभ बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल प्रभावी साबित हो रही है। अब अविवादित नामांतरण और खाता विभाजन जैसे प्रकरणों का निराकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही मात्र 15 दिनों के भीतर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। यह व्यवस्था ग्रामीणों के लिए राजस्व कार्यों को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत, ग्राम पंचायत सचिवालयों में ही आवेदन स्वीकार किए जाते हैं और निर्धारित समय-सीमा में उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाता है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने रविवार को ग्राम पंचायत सांकरा का आकस्मिक निरीक्षण कर इस व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने वहां उपस्थित किसानों से सीधा संवाद किया और राजस्व आवेदनों के निराकरण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पहल का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, इसके लिए गांवों में व्यापक स्तर पर मुनादी कराई जाए। कलेक्टर ने बताया- छह महीने में 1500 से अधिक प्रकरणों का निराकरण निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि पिछले छह महीनों में जिले की ग्राम पंचायतों में 1500 से अधिक राजस्व प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इस पहल का लक्ष्य आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करना है। इस व्यवस्था से न केवल समय और श्रम की बचत हो रही है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आई है। ग्राम सांकरा के किसान डुलेश कुमार बंजारे ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण के लिए पंचायत में आवेदन दिया था, जिसका निराकरण बहुत कम समय में हो गया। उन्होंने कहा कि अब फौती नामांतरण होने से उन्हें समर्थन मूल्य पर फसल बेचने और पीएम सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। किसान देव सिंह निषाद ने भी समय-सीमा के भीतर कार्य होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरुचि सिंह, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू सहित राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जो ग्रामीण इस पहल के तहत अपना आवेदन देना चाहते हैं, वे सीधे अपनी ग्राम पंचायत सचिवालय में संपर्क कर सकते हैं।


