बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले सहरसा स्टेडियम परिसर में बुधवार को राजस्व कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द मांगें पूरी करने की अपील की। संघ के नेताओं ने धरना को संबोधित करते हुए बताया कि अपनी मांगों को लेकर राज्य भर के राजस्व कर्मचारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के उदासीन रवैये के कारण अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है और वार्ता के लिए ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। अवकाश के दिनों में कार्य नहीं लेने की मांग
संघ की प्रमुख मांगों में सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को उनके गृह जिला में पदस्थापना देना, राजस्व कर्मचारी का ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) निर्धारित करना, क्षेत्र भ्रमण के लिए ईंधन की व्यवस्था के साथ मोटरसाइकिल उपलब्ध कराना और प्रत्येक कर्मचारी को केवल एक हल्का या पंचायत का प्रभार देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित करने तथा रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाश के दिनों में कार्य नहीं लेने की मांग भी उठाई। मासिक रिचार्ज की सुविधा की भी मांग की गई
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि राजस्व कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यक उपकरण जैसे मॉडेम, डोंगल, लैपटॉप और मासिक रिचार्ज की सुविधा भी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, एसीपी, मैक और सेवा संपुष्टि से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। संघ के नेताओं ने बताया कि इन मांगों को लेकर पिछले वर्ष भी आंदोलन किया गया था। 2 जून 2025 को संघ के प्रतिनिधियों और राजस्व विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के बीच समझौता हुआ था और मांगों पर विचार के लिए एक समिति भी बनाई गई थी। इसके बाद 4 जुलाई 2025 को तत्कालीन मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा की अध्यक्षता में बैठक कर मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया गया था। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले सहरसा स्टेडियम परिसर में बुधवार को राजस्व कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द मांगें पूरी करने की अपील की। संघ के नेताओं ने धरना को संबोधित करते हुए बताया कि अपनी मांगों को लेकर राज्य भर के राजस्व कर्मचारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के उदासीन रवैये के कारण अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है और वार्ता के लिए ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। अवकाश के दिनों में कार्य नहीं लेने की मांग
संघ की प्रमुख मांगों में सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को उनके गृह जिला में पदस्थापना देना, राजस्व कर्मचारी का ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) निर्धारित करना, क्षेत्र भ्रमण के लिए ईंधन की व्यवस्था के साथ मोटरसाइकिल उपलब्ध कराना और प्रत्येक कर्मचारी को केवल एक हल्का या पंचायत का प्रभार देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित करने तथा रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाश के दिनों में कार्य नहीं लेने की मांग भी उठाई। मासिक रिचार्ज की सुविधा की भी मांग की गई
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि राजस्व कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यक उपकरण जैसे मॉडेम, डोंगल, लैपटॉप और मासिक रिचार्ज की सुविधा भी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, एसीपी, मैक और सेवा संपुष्टि से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। संघ के नेताओं ने बताया कि इन मांगों को लेकर पिछले वर्ष भी आंदोलन किया गया था। 2 जून 2025 को संघ के प्रतिनिधियों और राजस्व विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के बीच समझौता हुआ था और मांगों पर विचार के लिए एक समिति भी बनाई गई थी। इसके बाद 4 जुलाई 2025 को तत्कालीन मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा की अध्यक्षता में बैठक कर मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया गया था।


