अररिया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक राजस्व कर्मचारी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी मो. इम्तियाज आलम नरपतगंज अंचल के अंतर्गत फरही पंचायत में पदस्थापित थे। यह गिरफ्तारी 20 जनवरी को हुई, जब रिश्वत की राशि बरामद की गई। घटना की शुरुआत तब हुई जब रामघाट कोशकापुर गांव निवासी कमलेश्वरी यादव ने विशेष निगरानी इकाई पटना में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने कहा था- रिश्वत के बिना सुधार नहीं होगा
शिकायत में आरोप था कि जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम और रकबा सुधारने के एवज में इम्तियाज आलम ने 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी आरोपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि रिश्वत दिए बिना सुधार नहीं किया जाएगा। पूरी रिश्वत राशि मौके से बरामद की गई
सत्यापन के बाद एसवीयू ने थाना कांड संख्या 03/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया। वरीय पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित धावा दल ने नरपतगंज अंचल कार्यालय की हल्का कचहरी में जाल बिछाया। दल ने आरोपी को 15 हजार रुपये स्वीकार करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूरी रिश्वत राशि मौके से बरामद की गई। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने तत्काल प्रभाव से इम्तियाज आलम को निलंबित कर दिया है। साथ ही अंचल अधिकारी, नरपतगंज को निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आरोप पत्र और साक्ष्य उपलब्ध कराएं। अररिया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक राजस्व कर्मचारी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी मो. इम्तियाज आलम नरपतगंज अंचल के अंतर्गत फरही पंचायत में पदस्थापित थे। यह गिरफ्तारी 20 जनवरी को हुई, जब रिश्वत की राशि बरामद की गई। घटना की शुरुआत तब हुई जब रामघाट कोशकापुर गांव निवासी कमलेश्वरी यादव ने विशेष निगरानी इकाई पटना में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने कहा था- रिश्वत के बिना सुधार नहीं होगा
शिकायत में आरोप था कि जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम और रकबा सुधारने के एवज में इम्तियाज आलम ने 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी आरोपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि रिश्वत दिए बिना सुधार नहीं किया जाएगा। पूरी रिश्वत राशि मौके से बरामद की गई
सत्यापन के बाद एसवीयू ने थाना कांड संख्या 03/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया। वरीय पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित धावा दल ने नरपतगंज अंचल कार्यालय की हल्का कचहरी में जाल बिछाया। दल ने आरोपी को 15 हजार रुपये स्वीकार करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूरी रिश्वत राशि मौके से बरामद की गई। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने तत्काल प्रभाव से इम्तियाज आलम को निलंबित कर दिया है। साथ ही अंचल अधिकारी, नरपतगंज को निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आरोप पत्र और साक्ष्य उपलब्ध कराएं।


