कहते हैं कि वक्त गुजर जाता है, पर यादें कभी बूढ़ी नहीं होतीं। कुछ ऐसा ही नजारा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कैंपस में देखने को मिला, जहां पूर्व छात्रों के संगठन ने ‘ARAC-2026’ मिलन समारोह का धमाकेदार आयोजन किया। कैंपस की हवाओं में फिर वही पुरानी कैंटीन वाली गपशप और क्लासबंक की यादें तैर रही थीं। इस मीट की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल होने वाले लगभग 75 प्रतिशत सदस्य अपनी पारी (रिटायरमेंट) खेल चुके हैं, लेकिन कैंपस में कदम रखते ही उनका उत्साह किसी फ्रेशर जैसा नजर आया। कोई अपने परिवार के साथ आया था, तो कोई सालों बाद पुराने दोस्त को गले लगाकर भावुक हो रहा था। देश के कोने-कोने से आए इन पूर्व छात्रों ने साबित कर दिया कि दिल हमेशा जवान रहना चाहिए। वीसी ने बढ़ाया मान, स्मारिका में यादें कार्यक्रम का आगाज कुलपति डॉ. एससी दुबे ने किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी कॉलेज की असली पहचान उसकी बिल्डिंग नहीं, बल्कि वहां से निकले ‘एल्युमिनाई’ होते हैं। इस मौके पर एक स्पेशल स्मारिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें पुराने दिनों के किस्से और लेखों का खजाना है। डॉ. तांतिया बने ‘स्टार ऑफ द शो’ मुंबई में कस्टम और जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर के पद पर तैनात डॉ. हेमंत कुमार तांतिया (IRS) इस बार ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ बनकर पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ अपनी पुरानी यादें शेयर कीं, बल्कि अपनी बहुआयामी प्रतिभा से सबको चौंका दिया। डॉ. तांतिया का लिखा देशभक्ति गीत ‘भारत मां की संतान हम’ इतना मशहूर है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक इसकी तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने यंग जेनरेशन को अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मंत्र दिया और झारखंड की संस्कृति पर आधारित रचनाएं पेश कीं। मंच पर सजी दिग्गजों की टोली जेपीएससी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. निलिमा केरकेट्टा, कृषि विभाग के डीन डॉ. डीके शाही, डॉ. मनीगोपा चक्रवर्ती, अशोक ठाकुर, डॉ. केके सहाय, डॉ. असीम सरकार, डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. ए. वदूद, डॉ. बीके सिंह और डॉ. शिवा मौजूद रहे। कहते हैं कि वक्त गुजर जाता है, पर यादें कभी बूढ़ी नहीं होतीं। कुछ ऐसा ही नजारा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कैंपस में देखने को मिला, जहां पूर्व छात्रों के संगठन ने ‘ARAC-2026’ मिलन समारोह का धमाकेदार आयोजन किया। कैंपस की हवाओं में फिर वही पुरानी कैंटीन वाली गपशप और क्लासबंक की यादें तैर रही थीं। इस मीट की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल होने वाले लगभग 75 प्रतिशत सदस्य अपनी पारी (रिटायरमेंट) खेल चुके हैं, लेकिन कैंपस में कदम रखते ही उनका उत्साह किसी फ्रेशर जैसा नजर आया। कोई अपने परिवार के साथ आया था, तो कोई सालों बाद पुराने दोस्त को गले लगाकर भावुक हो रहा था। देश के कोने-कोने से आए इन पूर्व छात्रों ने साबित कर दिया कि दिल हमेशा जवान रहना चाहिए। वीसी ने बढ़ाया मान, स्मारिका में यादें कार्यक्रम का आगाज कुलपति डॉ. एससी दुबे ने किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी कॉलेज की असली पहचान उसकी बिल्डिंग नहीं, बल्कि वहां से निकले ‘एल्युमिनाई’ होते हैं। इस मौके पर एक स्पेशल स्मारिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें पुराने दिनों के किस्से और लेखों का खजाना है। डॉ. तांतिया बने ‘स्टार ऑफ द शो’ मुंबई में कस्टम और जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर के पद पर तैनात डॉ. हेमंत कुमार तांतिया (IRS) इस बार ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ बनकर पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ अपनी पुरानी यादें शेयर कीं, बल्कि अपनी बहुआयामी प्रतिभा से सबको चौंका दिया। डॉ. तांतिया का लिखा देशभक्ति गीत ‘भारत मां की संतान हम’ इतना मशहूर है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक इसकी तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने यंग जेनरेशन को अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मंत्र दिया और झारखंड की संस्कृति पर आधारित रचनाएं पेश कीं। मंच पर सजी दिग्गजों की टोली जेपीएससी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. निलिमा केरकेट्टा, कृषि विभाग के डीन डॉ. डीके शाही, डॉ. मनीगोपा चक्रवर्ती, अशोक ठाकुर, डॉ. केके सहाय, डॉ. असीम सरकार, डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. ए. वदूद, डॉ. बीके सिंह और डॉ. शिवा मौजूद रहे।


