एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शनिवार को जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अरेस्ट रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। एसीबी की ओर से तैयार कर रखे 125 सवालों के जवाब देने से इनकार करने के साथ ही सुबोध अपनी भूमिका से भी मुकरे। एसीबी की ओर से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से 960 करोड़ रुपए के टेंडर घोटाले को लेकर शनिवार को पूछताछ की गई। एसीबी की टीम की ओर से करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, जिसमें फेक सर्टिफिकेट पर भी सवाल किए गए। इसके साथ ही इरकॉन के फेक सर्टिफिकेट और टेंडर घोटाले से जुड़े अहम सवाल भी पूछे गए। पूछताछ के दौरान मासूस दिखाई दिए सुबोध अग्रवाल की आंखें भर आईं। कुछ सवालों के जवाब देने से इनकार करने के साथ ही वह अपनी भूमिका से भी मुकर गए। एसीबी ने पहले से ही 125 सवाल तैयार कर रखे थे। अब मिले जवाबों के आधार पर नए सवाल तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर रविवार को फिर पूछताछ होगी। कई इंजीनियरों की भूमिका आई सामने
13 अप्रैल तक एसीबी रिमांड पर चल रहे सुबोध अग्रवाल से पूछताछ जारी है। एसीबी टेंडर अनियमितताओं और फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर दिए गए अनुचित लाभ की गहराई से जांच कर रही है। पूछताछ में विभागीय कई इंजीनियरों की भूमिका भी सामने आई है।


