नूंह में रिटायर कर्मचारी से 5 लाख ठगे:मोबाइल पर भेजी ट्रैफिक ई-चालान फाइल, क्लिक करते ही फोन हैक, मिला था रिटायरमेंट का पैसा

नूंह में रिटायर कर्मचारी से 5 लाख ठगे:मोबाइल पर भेजी ट्रैफिक ई-चालान फाइल, क्लिक करते ही फोन हैक, मिला था रिटायरमेंट का पैसा

नूंह में साइबर फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें खाद्य एवं पूर्ति विभाग से रिटायर्ड अवर विश्लेषक से करीब 5 लाख रुपए की ठग लिए गए। यह घटना 16 जुलाई 2025 को हुई, लेकिन साइबर क्राइम थाना नूंह ने पुलिस की कथित लापरवाही के कारण 6 महीने बाद 14 जनवरी 2026 को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मनोज कुमार गोयल निवासी वार्ड 10, सिटी नूंह के वार्ड नंबर दस निवासी रिटायर कर्मचारी मनोज कुमार गोयल ने बताया कि, उन्होंने 31 मई 2025 को विभाग से रिटायरमेंट के बाद अपनी सरकारी राशि एचडीएफसी बैंक खाते में प्राप्त की। 16 जुलाई 2025 की शाम करीब 4:30 बजे उनके वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया, जिसमें ट्रैफिक ई-चालान के नाम से आरटीओ ई-चालान एपीके फाइल का लिंक था। फाइल में ट्रैफिक पुलिस का लोगो लगा हुआ था। शक होने पर भी फाइल खोलते ही उनका फोन हैक हो गया। ठगों ने तेजी से उनके डेबिट कार्ड का आई-पिन बदल दिया, नेट बैंकिंग पासवर्ड बदल दिया और निकासी की लिमिट बढ़ा दी। मोबाइल फोन हैक किया, खाते से निकाले पांच लाख इसी दौरान उनके फोन से कई मैसेज आने लगे। जांच में पता चला कि जिस नंबर से मैसेज आया वह किसी मुकीम का था। उनके फोन से कॉल फॉरवर्ड कर रखी थी। शाम 5 बजे बैंक का मैसेज आया कि खाते से 4 लाख 90 हजार 007 रुपए नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान कर दिए गए। कुल करीब 5 लाख रुपए की ठगी होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दी और नूंह साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने पहले दिन ही थाने में शिकायत दी थी, जहां पुलिसकर्मी ने रसीद दी और कहा कि 1-2 दिन में अधिकारी घर आएंगे, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद भतीजे मनीष को जांच अधिकारी एसआई संजीत के पास कई बार भेजा, लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहे। नवंबर 2025 और 13 जनवरी 2026 को भी एसपी ऑफिस में ई-मेल भेजे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, परेशान होकर पीड़ित ने पंचकूला स्थित हरियाणा पुलिस मुख्यालय में आईजी (क्राइम) राकेश आर्य को शिकायत की। शिकायत मिलते ही साइबर थाना ने तुरंत 14 जनवरी 2026 को केस दर्ज कर लिया। क्या कहती है पुलिस
साइबर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने कहा कि पीड़ित खुद शिकायत देने नहीं आए थे, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को भेजा था। वहीं पीड़ित मनोज कुमार गोयल ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने पहले दिन ही थाने में शिकायत दी थी और रसीद ली थी। पुलिस ने आगे जांच शुरू कर दी है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *