पटना के जक्कनपुर स्थित होटल ग्रैंड शिला में सोमवार को ब्रिटिश नागरिक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। वो इंग्लैंड में बिजली विभाग के रिटायर्ड अधिकारी थे। अजय कुमार मूलरूप से नालंदा के रहने वाले थे, लेकिन भारत की नागरिकता छोड़कर ब्रिटिश नागरिकता ली थी। वहां बिजली विभाग में अधिकारी के पद पर थे। 18 जनवरी को होटल में आए थे होटल के कर्मी अमित कुमार ने बताया कि 18 जनवरी को रात 10 बजे होटल आए थे। तब से यहीं थे। होटल के कमरा नंबर 103 में ठहरे थे। 1500 के हिसाब से बुक था। रविवार को होटल से बाहर गए थे। शाम 4:28 बजे लौटकर होटल आए। अपने कमरे में जाने के बाद उन्होंने कॉल कर के बोला कि खाने का मन नहीं है। कुछ फ्रूट्स मंगा दीजिए। इसके बाद मैंने लड़के को भेजकर केला और संतरा मंगाकर उन्हें पहुंचवा दिया। मेरी ड्यूटी ऑफ हो गई तो मैं चला गया। फिर रात में उन्होंने करीब 9-10 बजे पूछा कि वाई फाई काम कर रहा है क्या, वाई फाई का प्रॉब्लम था, तो उसने बोल दिया सर थोड़ा प्रॉब्लम है। इसके बाद कॉल नहीं आया। सुबह से नहीं हो रही थी कोई गतिविधि अमित ने बताया कि सुबह से उनकी गतिविधि नजर नहीं आ रही थी। कॉल वगैरह भी नहीं आया। इसके बाद होटल के कुछ कर्मी जाकर दरवाजे को नॉक किए तो भी कोई रिस्पांस नहीं मिला। फिर उन्हें लेकर जाने वाले ड्राइवर ने कॉल कर के बोला कि भैया जरा देखिए तो सर कॉल क्यों नहीं रिसीव कर रहे हैं। लगातार कॉल कर रहा हूं। फिर हमलोगों ने भी जाकर नॉक किया। लेकिन गेट नहीं खोले। इसके बाद दोपहर में लगभग 3 बजे के पास जक्कनपुर थाने को खबर की गई। पुलिस आई है और छानबीन कर रही है। होटल के कर्मियों से पूछताछ घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर सदर ASP अभिनव भी पहुंचे थे। उन्होंने होटल के कर्मियों और मालिक से पूछताछ की। होटल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए और रिसेप्शन पर मौजूद एंट्री एग्जिट रजिस्टर को भी देखा। मृतक के पास से एक सूटकेस मिला। जिस पर परिवार के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी थी। इस जानकारी और डिटेल्स के आधार पर पटना पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और घटना के बारे में जानकारी दी। पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई बॉडी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल बॉडी पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेजी गई है। उनके पास से जो सामान, डॉक्यूमेंट्स, इंडियन करेंसी और पाउंड मिले हैं। इनकी सीजर लिस्ट बनाई गई है। खबर लिखे जाने तक परिजन इंडिया नहीं पहुंचे थे। पटना के जक्कनपुर स्थित होटल ग्रैंड शिला में सोमवार को ब्रिटिश नागरिक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। वो इंग्लैंड में बिजली विभाग के रिटायर्ड अधिकारी थे। अजय कुमार मूलरूप से नालंदा के रहने वाले थे, लेकिन भारत की नागरिकता छोड़कर ब्रिटिश नागरिकता ली थी। वहां बिजली विभाग में अधिकारी के पद पर थे। 18 जनवरी को होटल में आए थे होटल के कर्मी अमित कुमार ने बताया कि 18 जनवरी को रात 10 बजे होटल आए थे। तब से यहीं थे। होटल के कमरा नंबर 103 में ठहरे थे। 1500 के हिसाब से बुक था। रविवार को होटल से बाहर गए थे। शाम 4:28 बजे लौटकर होटल आए। अपने कमरे में जाने के बाद उन्होंने कॉल कर के बोला कि खाने का मन नहीं है। कुछ फ्रूट्स मंगा दीजिए। इसके बाद मैंने लड़के को भेजकर केला और संतरा मंगाकर उन्हें पहुंचवा दिया। मेरी ड्यूटी ऑफ हो गई तो मैं चला गया। फिर रात में उन्होंने करीब 9-10 बजे पूछा कि वाई फाई काम कर रहा है क्या, वाई फाई का प्रॉब्लम था, तो उसने बोल दिया सर थोड़ा प्रॉब्लम है। इसके बाद कॉल नहीं आया। सुबह से नहीं हो रही थी कोई गतिविधि अमित ने बताया कि सुबह से उनकी गतिविधि नजर नहीं आ रही थी। कॉल वगैरह भी नहीं आया। इसके बाद होटल के कुछ कर्मी जाकर दरवाजे को नॉक किए तो भी कोई रिस्पांस नहीं मिला। फिर उन्हें लेकर जाने वाले ड्राइवर ने कॉल कर के बोला कि भैया जरा देखिए तो सर कॉल क्यों नहीं रिसीव कर रहे हैं। लगातार कॉल कर रहा हूं। फिर हमलोगों ने भी जाकर नॉक किया। लेकिन गेट नहीं खोले। इसके बाद दोपहर में लगभग 3 बजे के पास जक्कनपुर थाने को खबर की गई। पुलिस आई है और छानबीन कर रही है। होटल के कर्मियों से पूछताछ घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर सदर ASP अभिनव भी पहुंचे थे। उन्होंने होटल के कर्मियों और मालिक से पूछताछ की। होटल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए और रिसेप्शन पर मौजूद एंट्री एग्जिट रजिस्टर को भी देखा। मृतक के पास से एक सूटकेस मिला। जिस पर परिवार के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी थी। इस जानकारी और डिटेल्स के आधार पर पटना पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और घटना के बारे में जानकारी दी। पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई बॉडी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल बॉडी पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेजी गई है। उनके पास से जो सामान, डॉक्यूमेंट्स, इंडियन करेंसी और पाउंड मिले हैं। इनकी सीजर लिस्ट बनाई गई है। खबर लिखे जाने तक परिजन इंडिया नहीं पहुंचे थे।


