कुरुक्षेत्र में रिटायर्ड आर्मी जवानों को नौकरी से हटाया:FCI गोदाम पर हंगामा, नए गार्डों को ड्यूटी से रोका, रिटायर कर्नल पर रिश्वत के आरोप

कुरुक्षेत्र में रिटायर्ड आर्मी जवानों को नौकरी से हटाया:FCI गोदाम पर हंगामा, नए गार्डों को ड्यूटी से रोका, रिटायर कर्नल पर रिश्वत के आरोप

कुरुक्षेत्र के पिहोवा में फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के गोदाम पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड (रिटायर्ड आर्मी जवान) को हटाने का मामला तूल पकड़ गया। इन गार्ड ने आर्मी से रिटायर्ड कर्नल पर रिश्वत के नाम पर ठगने और अब नौकरी से बाहर करने के आरोप लगाए। गुस्साए गार्डों ने आज गोदाम के बाहर रिटायर्ड कर्नल और एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नए गार्डों को ड्यूटी जॉइन करने से भी रोक दिया। इन गार्डों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। उधर, मामले को लेकर रिटायर्ड कर्नल से बातचीत के लिए कॉल की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। 30 हजार तक वसूले पूर्व हवलदार सिंदर सिंह ने बताया कि वे आर्मी से रिटायरमेंट के बाद एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए FCI के पिहोवा गोदाम पर ड्यूटी कर रहे थे। आरोप लगाया कि इस एजेंसी के संचालक रिटायर्ड कर्नल ने उन्हें नौकरी पर रखने के लिए उनसे 30 हजार रुपए रिश्वत ली। हर महीने लिए एक हजार रुपए रिटायर्ड सूबेदार रमेश ने बताया कि इस रिश्वत के अलावा भी आरोपी उनसे यूनिफॉर्म के नाम पर हर महीने 1 हजार रुपए वसूल करता था। इन 11 महीनों के अंदर आरोपी उनसे करीब 42 हजार रुपए ले चुका है। इस एजेंसी के जरिए कुल 58 गार्ड गोदाम में ड्यूटी पर रखे गए थे। कॉन्ट्रैक्ट से पहले हटाया रमेश ने बताया कि उनका इस एजेंसी के साथ 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट था, लेकिन एजेंसी ने उनको 11 महीने में ही हटा दिया। वे आज ड्यूटी पर आए तो नए गार्ड ड्यूटी करने के लिए पहुंचे थे। चेतावनी दी कि नए स्टाफ को किसी भी हाल में ड्यूटी जॉइन नहीं करने देंगे। पुलिस की जांच जारी रमेश ने बताया कि एजेंसी के जरिए कुरुक्षेत्र, पिहोवा, डेरा बस्सी और कैथल में कुल 58 गार्ड काम कर रहे हैं। इनमें से पिहोवा FCI गोदाम के 14 गार्ड को हटाया हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है। साथ ही पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए हैं। रिटायर्ड कर्नल को पुलिस ने बुलाया गया है। लेटर देकर भेजा गया उधर, नए गार्डों में शामिल भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हमें एजेंसी ने सिलेक्शन लेटर देकर ड्यूटी पर भेजा था। एजेंसी की तरफ से FCI के मैनेजर को ई-मेल और लेटर भी भेजा गया है। लेकिन पुराने गार्डों ने हमें रोक लिया। उन्होंने एजेंसी को मामले की जानकारी दी है।

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