cancer: मोटापा सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन अब यह बड़े संकट के तौर पर सामने आया है। इससे कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। इसमें भी महिलाएं हाई रिस्क में हैं। 40 से अधिक उम्र की महिलाओं में मोटापे के कारण ब्रेस्ट व बच्चेदानी का कैंसर डिटेक्ट हो रहा है। डॉक्टरों ने चेताया है कि सेहत का ध्यान नहीं रखा तो गंभीर बीमारी का खतरा बना रहेगा। यह बड़ा खुलासा राऊ स्थित इंदौर कैंसर फाउंडेशन के आन्कोलॉजी विभाग में आने वाले मरीजों पर रिसर्च से हुआ है। 40 से अधिक उम्र की महिलाओं को परेशानी हुई और जांच की तो ब्रेस्ट कैंसर का पता चला।
जांच में सामने आया कि ये महिलाएं ओबेसिटी का शिकार हैं और कैंसर का यह भी एक कारण हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि कई महिलाओं में मोटापे के कारण कैंसर डिटेक्ट हो रहा है। देश के अन्य संस्थाओं की रिसर्च में भी मोटापे के कारण कैंसर के खतरे को लेकर आगाह किया जा चुका है। कैंसर के कुल मरीजों में से 3 से 5 प्रतिशत मरीज मोटापे की समस्या से जूझ रहे होते हैं।
युवतियों में भी ब्रेस्ट व बच्चेदानी का कैंसर
मप्र के साथ अन्य प्रदेशों से भी कैंसर का इलाज कराने के लिए मरीज इंदौर आते हैं। डॉक्टर उन्हें मोटापे से बचने की सलाह देते हैं। फाउंडेशन के संस्थापक व वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिग्पाल धारकर का कहना है कि अब युवाओं में ज्यादा मोटापा देखने को मिल रहा है। युवतियों में भी ब्रेस्ट व बच्चेदानी का कैंसर पाया जा रहा है। इनके इलाज के बाद निष्कर्ष निकलता है कि कैंसर की चपेट में आने का एक कारण मोटापा भी है। महिलाओं पर खतरा ज्यादा है।
ऐसे लक्षण दिखें तो सावधान !
-ट्रंकल ओबेसिटी कैंसर का कारण बन जाती है। पेट का आकार 25 प्रतिशत ज्यादा हो जाता है तो ऐसे लोग हाई रिस्क में होते हैं।
-फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने से मोटापा बढ़ता है और कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है।
-40 की उम्र के बाद पेट का आकार 80 सेंटीमीटर से ज्यादा होने वाले मरीजों में कैंसर की आशंका रहती है।
सेहतमंद बनें…
डॉ. धारकर के मुताबिक, लोगों को अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करने की जरूरत है। एक तिहाई कैंसर के मामले फिजिकल एक्टिविटी से कम हो सकते हैं। वजन को नियंत्रित रखकर बीमारी के खतरे को निश्चित रूप से कम किया जा सकता है। अमरीकन कैंसर सोसायटी के आंकड़ों के मुताबिक, हफ्ते में 5 दिन फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है। इसमें हर दिन 40 मिनट एक्सरसाइज करना चाहिए।


