छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में भारत-चीन संबंधों के सामरिक और रणनीतिक पहलुओं पर एक महत्वपूर्ण शोध संपन्न हुआ। शोधार्थी राज कटियार ने डॉ. अभ्य राज सिंह के निर्देशन में अपना शोध-प्रबंध ‘भारत–चीन संबंध: उभरते मुद्दों और चुनौतियों का विश्लेषणात्मक अध्ययन’ प्रस्तुत किया। इस अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और विश्वास की कमी सबसे बड़ी बाधा है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर सहयोग की संभावनाएं अब भी बरकरार हैं। राज कटियार के इस शोध को नीति-निर्माताओं और आम नागरिकों के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज में सूचना-आधारित विमर्श को बढ़ावा देना है ताकि लोग सीमाई वास्तविकताओं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को बेहतर ढंग से समझ सकें। सफलतापूर्वक मौखिकी देने के बाद राज कटियार ने इसे एक ‘सार्थक यात्रा’ बताया। उन्होंने कहा, “वैचारिक मतभेदों के बाद भी यह अध्ययन भविष्य में संतुलित नीति-निर्माण और संवाद के लिए नई दिशा प्रदान करेगा।” उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए डीन (RD) डॉ. नामिता तिवारी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।


