Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर आसमान में दिखेगी ‘सिंदूर’ की ताकत, 29 विमानों का अद्भुत फ्लाईपास्ट !

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर आसमान में दिखेगी ‘सिंदूर’ की ताकत, 29 विमानों का अद्भुत फ्लाईपास्ट !

Aviation: इस साल पर गणतंत्र दिवस (Republic Day Flypast 2026) की कर्तव्य पथ (Kartavya Path Air Show) परेड में दुनिया भर में भारत की सैन्य ताकत के साथ-साथ हमारी परंपराओं की झलक भी नजर आएगी। भारतीय वायुसेना ने घोषणा की है कि इस बार फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें लड़ाकू विमान (IAF 29 Aircraft Parade), हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल हैं। इस साल का सबसे बड़ा आकर्षण ‘सिंदूर’ (Sindoor Fighter Formation) नामक एक बिल्कुल नई फाइटर फॉर्मेशन होगा, जो पहली बार आसमान में अपनी ताकत दिखाएगा।

क्या है खास ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में ?

‘सिंदूर’ फॉर्मेशन इस साल के फ्लाईपास्ट की जान है। इसमें राफेल (Rafale) और सुखोई-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान एक विशेष त्रिकोणीय आकार में उड़ान भरेंगे। यह नाम भारतीय संस्कृति की पवित्रता और शक्ति का प्रतीक है। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, यह फॉर्मेशन विशेष रूप से भारत की बढ़ती हवाई रक्षा क्षमताओं और ‘नारी शक्ति’ को समर्पित है, क्योंकि इसमें कई महिला पायलट भी शामिल हो सकती हैं।

फ्लाईपास्ट का मुख्य आकर्षण: राफेल और तेजस का दम (Rafale Vertical Charlie 2026)

परेड के दौरान दर्शक आसमान में गरजते हुए उन 29 विमान देखेंगे, जो भारत की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं।

स्वदेशी गौरव: भारत का अपना लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (Tejas) इस बार प्रमुखता से नजर आएगा।

भीष्म और ध्रुव: स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ और अटैक हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ भी अपनी कलाबाजियां दिखाएंगे।

अंतिम सलामी: फ्लाईपास्ट का समापन हमेशा की तरह राफेल विमान के ‘वर्टीकल चार्ली’ मनूवर के साथ होगा, जो दिल दहला देने वाली गति से सीधे आसमान की ओर उड़ान भरता है।

विमानों की संख्या बहुत सोच-समझ कर चुनी है

रक्षा विशेषज्ञों का रिएक्शन है कि फ्लाईपास्ट में विमानों की संख्या (29) बहुत सोच-समझ कर चुनी गई है, ताकि सटीकता और प्रदर्शन के बीच संतुलन बना रहे। ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन को लेकर जनता में भारी उत्साह है। जानकारों का कहना है कि यह केवल एक सैन्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों को एक कड़ा कूटनीतिक संदेश भी है कि भारत अपनी हवाई सुरक्षा के लिए कितना गंभीर है।

डिजिटल और परंपरा का मेल

एक पहलू यह भी है कि इस बार फ्लाईपास्ट जमीन पर बैठे दर्शकों के लिए और भी रोमांचक बनाने के लिए ‘ऑगमेंटेड रियलिटी’ (AR) और बड़े डिजिटल स्क्रीन्स का उपयोग किया जा सकता है। इसके माध्यम से दर्शक विमानों की गति और ऊंचाई से जुड़ी लाइव जानकारी देख सकेंगे। साथ ही, फ्लाईपास्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखना यह दिखाता है कि सेना अब अपनी पहचान भारतीय जड़ों से गहराई से जोड़ रही है।

विमानों की रिहर्सल शुरू हो चुकी है

बहरहाल,दिल्ली के आसमान में विमानों की रिहर्सल शुरू हो चुकी है। गणतंत्र दिवस के दिन सुरक्षा कारणों से दिल्ली का हवाई क्षेत्र (Airspace) कुछ घंटों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। आने वाले दिनों में वायुसेना इन विमानों के रूट और सटीक समय की जानकारी शेयर करेगी, ताकि राजधानी के लोग अपने घरों की छतों से भी इस अद्भुत नजारे का आनंद ले सकें।

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