उम्रकैद को चुनौती में सीजेएम हरिद्वार से मांगी रिपोर्ट:अपीलार्थी की मृत्यु की रिपोर्ट मान्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी

उम्रकैद को चुनौती में सीजेएम हरिद्वार से मांगी रिपोर्ट:अपीलार्थी की मृत्यु की रिपोर्ट मान्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार को बिट्टू सिंह उर्फ ठाकुर सिंह नामक उस अपीलार्थी की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है, जिसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर हम यह मानते हैं कि अपीलार्थी नंबर दो विजय उर्फ प्राण की मृत्यु हो चुकी है। इसलिए उसकी अपील समाप्त हो जाती है।
सीजेएम हरिद्वार ने अपीलार्थी क्रमांक एक बिट्टू सिंह उर्फ ठाकुर सिंह के बारे में बताया है कि वह बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती है लेकिन विवरण बहुत अस्पष्ट है। इसलिए सीजेएम, हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से आवश्यक जांच के बाद बिट्टू के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति और बीमारी के बारे में समुचित रिपोर्ट दें। यह रिपोर्ट 11 फरवरी तक मांगी गई है। इस प्रकरण में उसी दिन सुनवाई होगी। रजिस्ट्रार जनरल, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार को आदेश से 24 घंटों के भीतर सूचित करने का निर्देश दिया गया है। अपीलार्थी की तरफ से 1987 में अपील दायर की गई है। अपीलार्थियों को आइपीसी की धारा 302 और 396 के तहत अपराध के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
सहारनपुर सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट को बताया गया कि अपीलार्थी क्रमांक दो विजय कुमार उर्फ प्राण पुत्र किशनलाल के संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार ने पुलिस रिपोर्ट के साथ अवगत कराया है कि उसकी मृत्यु पहली फरवरी 2014 को हो गई थी। नगर निगम हरिद्वार से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र इस रिपोर्ट के साथ संलग्न है।
कोर्ट ने कहा, हम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की रिपोर्ट पर भरोसा करना पसंद करेंगे, जिसमें शपथ पर दर्ज किए गए बयानों के आधार पर तथ्य की पुष्टि की गई है। 10 जनवरी 2019 को दर्ज किया गया पहला बयान सब इंस्पेक्टर रनबीर सिंह का है, जो उस समय कोतवाली हरिद्वार में तैनात थे। उन्होंने शपथ पर यह तथ्य सत्यापित किया है कि विजय उर्फ प्राण की मृत्यु हुई हो गई। इस तथ्य की पुष्टि स्थानीय पार्षद मंजू गर्ग से की गई थी। तथ्य की पुष्टि मृतक की पत्नी इला देवी और बेटे आशीष कुमार के अलावा उनके दामाद अरुण कम्बोज से भी की गई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 10 जनवरी 2019 को इला देवी और उनके बेटे आशीष कुमार का बयान दर्ज किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इसी दिन अरुण कम्बोज पुत्र विकास कम्बोज का बयान दर्ज किया जो मृतक का दामाद है।

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