मुजफ्फरपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान:प्रधान डाकघर से लेकर समाहरणालय गेट तक चला बुलडोजर; जुर्माना लगाया, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मुजफ्फरपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान:प्रधान डाकघर से लेकर समाहरणालय गेट तक चला बुलडोजर; जुर्माना लगाया, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी (डीएम) आवास से प्रधान डाकघर तक मुख्य सड़क पर बुलडोजर चलाकर सड़क के दोनों ओर बनी दर्जनों अवैध दुकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान की शुरुआत डीएम आवास के पास से हुई। जहां सड़क किनारे फुटपाथों और नालों पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। बुलडोजर ने प्रधान डाकघर तक के पूरे इलाके को साफ कर दिया। विरोध या हंगामे से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिक्रमण हटाओ अभियान केवल बाहरी सड़कों तक सीमित नहीं रहा। प्रशासन की टीम मुजफ्फरपुर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के मुख्य गेट के भीतर भी पहुंची। परिसर के अंदर अवैध रूप से संचालित कई दुकानों और गुमटियों को भी हटाया गया। अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी परिसरों और मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार चेतावनी के बावजूद लोग सड़कों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे शहर में जाम की समस्या बढ़ जाती है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जिला प्रशासन का उद्देश्य शहर को जाम मुक्त बनाना और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ खाली कराना है। अगर अतिक्रमणकारी दोबारा उसी जगह पर कब्जा करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अचानक हुई कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपना सामान समेटते दिखे, जबकि कई दुकानें बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी (डीएम) आवास से प्रधान डाकघर तक मुख्य सड़क पर बुलडोजर चलाकर सड़क के दोनों ओर बनी दर्जनों अवैध दुकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान की शुरुआत डीएम आवास के पास से हुई। जहां सड़क किनारे फुटपाथों और नालों पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। बुलडोजर ने प्रधान डाकघर तक के पूरे इलाके को साफ कर दिया। विरोध या हंगामे से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिक्रमण हटाओ अभियान केवल बाहरी सड़कों तक सीमित नहीं रहा। प्रशासन की टीम मुजफ्फरपुर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के मुख्य गेट के भीतर भी पहुंची। परिसर के अंदर अवैध रूप से संचालित कई दुकानों और गुमटियों को भी हटाया गया। अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी परिसरों और मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार चेतावनी के बावजूद लोग सड़कों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे शहर में जाम की समस्या बढ़ जाती है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जिला प्रशासन का उद्देश्य शहर को जाम मुक्त बनाना और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ खाली कराना है। अगर अतिक्रमणकारी दोबारा उसी जगह पर कब्जा करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अचानक हुई कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपना सामान समेटते दिखे, जबकि कई दुकानें बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त हो गईं।  

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