नर्मदा नदी के संरक्षण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त आदेश जारी किया है। जस्टिस शिवकुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच ने 25 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर नर्मदा के बाढ़ क्षेत्र (फ्लड जोन) का सीमांकन कर वहां बने स्थायी निर्माण तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने नदी किनारे 100 मीटर के दायरे में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश भी दिया है। डॉ. पी.जी. नाजपांडे की याचिका पर सुनवाई के दौरान परियट किनारे 40, गौर किनारे 12 और नर्मदा तट की 25 डेयरियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी कलेक्टर को सौंपी गई है। एनजीटी ने जबलपुर की 4 बंद पड़ी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तीन माह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।


