Reliance Group – Bank Loan Scam | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं! 2929 करोड़ के SBI लोन घोटाले में CBI ने शुरू की पूछताछ

Reliance Group – Bank Loan Scam | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं! 2929 करोड़ के SBI लोन घोटाले में CBI ने शुरू की पूछताछ
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी गुरुवार को एक बार फिर कानूनी जांच के घेरे में आ गए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा दर्ज कराए गए करोड़ों रुपये के कथित ‘बैंक धोखाधड़ी’ मामले में उद्योगपति से पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूरा मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़ा है। SBI का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने बैंक से लिए गए ऋण (Loan) की शर्तों का उल्लंघन किया और धन का “कथित तौर पर गलत तरीके से” इस्तेमाल किया। SBI ने पिछले साल जून में RCom के खातों को ‘धोखाधड़ी’ (Fraud) की श्रेणी में डाल दिया था। बैंक का दावा है कि इन संदिग्ध लेन-देन के कारण उसे 2,929 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। FIR दर्ज होने के बाद CBI पहले ही RCom के दफ्तरों और अनिल अंबानी के आवास की तलाशी ले चुकी है। उन्होंने ऐसे लेन-देन किए जो SBI द्वारा दिए गए लोन की शर्तों का उल्लंघन करते थे। इस सरकारी बैंक ने पिछले साल जून में इन खातों को धोखाधड़ी की श्रेणी में डाल दिया था। इसके बाद CBI ने RCom के दफ़्तरों और अंबानी के घर पर तलाशी ली।
 

इसे भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026: माता दुर्गा को समर्पित 9 दिन बेहद कल्याणकारी

बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा SBI के फ़ैसले को सही ठहराए जाने के बाद, अंबानी ने दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। इस दिग्गज उद्योगपति ने दावा किया कि कुछ दस्तावेज़, जिनके आधार पर खातों को धोखाधड़ी की श्रेणी में डालने के आदेश दिए गए थे, उन्हें शुरू में नहीं दिए गए थे और छह महीने बाद ही उपलब्ध कराए गए।
रिलायंस कम्युनिकेशंस, जो कभी एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी थी, बढ़ते कर्ज़ और कामकाज से जुड़ी चुनौतियों के कारण अब दिवालियापन की प्रक्रिया से गुज़र रही है।
 

इसे भी पढ़ें: ‘चुप रहना कायरता नहीं, कूटनीति है’, Israel-Iran Conflict पर Shashi Tharoor ने किया मोदी सरकार का समर्थन, अपनी ही पार्टी से अलग राह पकड़ी

कानूनी मुश्किलें
पिछले हफ़्ते, अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से CBI ने दो दिनों तक पूछताछ की। यह पूछताछ रिलायंस होम फ़ाइनेंस लिमिटेड से जुड़े 228 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में की गई थी। एजेंसी ने उनसे एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में पूछताछ की, जिसमें उनके साथ RHFL के पूर्व CEO और पूर्व पूर्णकालिक निदेशक, रविंद्र सुधाकर, और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है।
यह आपराधिक मामला RHFL — जो रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की एक कंपनी है — उसके प्रमोटरों या निदेशकों, और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों के ख़िलाफ़ यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया गया था, जिससे यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (पूर्व-आंध्रा बैंक) को 228 करोड़ रुपये का ग़लत तरीक़े से नुकसान हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *