पाली में बजट को लेकर कांग्रेस-बीजेपी की अलग-अलग राय:भाजपाई बोले- किसानों और आमजनों को समर्पित, कांग्रेसी बोले- आमजन की उम्मदों के अनुरूप नहीं

पाली में बजट को लेकर कांग्रेस-बीजेपी की अलग-अलग राय:भाजपाई बोले- किसानों और आमजनों को समर्पित, कांग्रेसी बोले- आमजन की उम्मदों के अनुरूप नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश किया। बजट में सीधे पाली जिले के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। लेकिन कैंसर की दवाइयों पर आयात शुल्क घटाने, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनने के साथ ही मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीामरियों की दवाइयों को ड्यूटी फ्री करने का सीधा फायदा पालीवासियों को भी मिलेगा। बजट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी अपनी क्या राय रखते है आप भी सुनिए। भाजपाईयों ने साथ बैठकर देखा बजट
पाली शहर के रोटरी क्लब भवन में रविवार को भाजपाईयों साथ बैठकर बजट देखा। यहां बड़ी एलईडी लगाई गई। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, नारायण कुमावत, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, रामकिशोर साबू, मानवेन्द्रसिंह भाटी, अशोक तलेसरा, अभिषेक दुग्गड़, द्वारकाप्रसाद जावा, अशोक बाफना, राहुल मेवाड़ा, मगराज जैन, राजेश घांची, मुकेश सरगरा सहित कई भाजपाई यहां मौजूद रहे।
मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा- भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक बजट
पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में प्रस्तुत किया गया यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखा गया है। यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। राजस्थान जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- अमृतकाल का नहीं, यह आपतकाल का बजट
बजट को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा कि यह ‘अमृतकाल’ का नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए ‘आपदाकाल’ का बजट है। इसमें शब्दों की लीपापोती है, जबकि गरीब की थाली और युवा के रोजगार का फिक्र गायब है। किसानों को भी खोखले वादों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बजट का पुरजोर विरोध करती है। भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला
बजट
बजट को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने बताया कि यह बजट देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट है। आमजन से लेकर किसान, युवा सहित सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ बजट में है। कैंसर की दवाइयों को आयात शुल्क हटाने कैंसर से पीड़ित सभी लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी बजट में राहत देने की बात कही गई है। युवाओं का बजट में ध्यान रखा गया
महेश सिंह पिलोवनी ने कहना है कि देश का युवा आज शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसरों की तलाश में है। केंद्रीय बजट 2026-27 में किए गए प्रावधान एक आम युवा की इन्हीं अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं यह बजट
पूर्व पार्षद आमीन अली रंगरेज ने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका। हर बार की तरह राहत के नाम पर झुनझुना थमाने वाली सरकार ने इस बार वह भी नहीं दिया। किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी और मध्यम वर्ग इनकम टेक्स में राहत की आस लगाए बैठे थे, लेकिन बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। महंगाई, बेरोजगारी और ग़रीबी से जूझ रही जनता को इस बजट से निराशा ही हाथ लगी। किसानों के लिए बजट में कुछ खास नहीं
कांग्रेस नेता मांगूसिंह दूदावत ने कहा कि इस बजट में कोई नई बात नहीं है। यह एक खाली डिब्बा है। किसानों के लिए कुछ नहीं, शिक्षित युवाओं बेरोजगार हैं रोजगार ना के बराबर। मध्य वर्ग व्यापारियों को कुछ फायदा नहीं है। आय कर में कोई छूट नहीं दी। बजट में मध्यम वर्ग को सीधी राहत
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय बजट आम आदमी की तात्कालिक राहत से अधिक दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित दिखा। रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर जोर सराहनीय है, लेकिन महंगाई और मध्यम वर्ग को सीधी राहत की उम्मीद अभी बाकी है।”

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