इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त होने के छः साल बाद 6,99,779रूपये की सहायक पुलिस उपनिरीक्षक से एसएसपी बरेली की वसूली कार्रवाई रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की तरफ़ से यह नहीं बताया जा सका कि सेवानिवृत्त कर्मी से कदाचार के आरोप में धन की वसूली का कोई उपबंध ,या शक्ति सेवा नियमावली में है या नहीं। कोर्ट ने एस एस पी को दो माह में नियमानुसार आदेश पारित करने के लिए प्रकरण वापस कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने सुनील कुमार की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि वह 15 अक्टूबर 17 को सेवानिवृत्त हुआ। इसके छः साल बाद 2025 मे एस एस पी ने सी ओ से प्रारंभिक जांच कराई। रिपोर्ट में याची को कदाचार का दोषी पाया गया और एस एस पी ने 6,99,779 रूपये के याची को सफाई का मौका देने के बाद वसूली करने का आदेश दिया।16जुलाई 25को पारित इस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी गई कि सेवानिवृत्त कर्मी के खिलाफ वसूली कार्रवाई नहीं की जा सकती।सेवा नियमावली में ऐसा कोई उपबंध नहीं है।जिस पर कोर्ट ने वसूली कार्रवाई रद्द कर दी ।


