जनपद में धान खरीद अभियान की रिकॉर्ड सफलता के बाद अब प्रशासन ने गेहूं खरीद की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है। 17 मार्च से जिले के 65 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। धान खरीद में लक्ष्य से अधिक खरीद होने से किसानों का सरकारी क्रय केंद्रों पर भरोसा बढ़ा है। इस वर्ष धान खरीद में निर्धारित 72 हजार कुंतल के लक्ष्य के मुकाबले 72,594 कुंतल धान की खरीद की गई, जो लक्ष्य से अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता पारदर्शी व्यवस्था, समय पर भुगतान और बेहतर प्रबंधन के कारण संभव हो सकी। धान खरीद के दौरान किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। सभी क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल, नमी की जांच और ऑनलाइन प्रविष्टि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इससे बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सीधे क्रय केंद्रों पर बेची और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त किया, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी सीमित हुई। एजेंसीवार खरीद में खाद्य विभाग ने 56,280 कुंतल से अधिक धान खरीद कर अग्रणी रहा। वहीं, पीसीएफ ने 10,516 कुंतल, यूपीपीसीयू ने 5,369 कुंतल और खाद्य निगम ने 428 कुंतल धान की खरीद की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के खातों में समय पर भुगतान और सुव्यवस्थित खरीद प्रक्रिया से उनका विश्वास बढ़ा है। धान खरीद की सफलता के बाद अब प्रशासन गेहूं खरीद अभियान को लेकर पूरी तरह सतर्क है। 17 मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए 65 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही गोदामों की सफाई, भंडारण क्षमता की समीक्षा, तौल कांटों की जांच, कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती और परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि धान खरीद की तरह गेहूं खरीद अभियान को भी पारदर्शी और सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके। धान खरीद में लक्ष्य से अधिक खरीद ने जहां प्रशासन का मनोबल बढ़ाया है, वहीं अब गेहूं खरीद अभियान से किसानों को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।


