लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय से जुड़े डिवोर्स मामले में आज सुलह की तारीख है। फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के सामने दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार समझौता कराने की कोशिश होगी। कोर्ट ने पहले ही दोनों पक्षों को मध्यस्थता में सहयोग करने के लिए कहा है। दोनों का यह मामला फैमिली कोर्ट में चला। उसके बाद हाईकोर्ट गया और फिर से केस फैमिली कोर्ट में है। हाईकोर्ट में रिव्यू पीटिशन हो चुका है खारिज पटना हाईकोर्ट में ऐश्वर्या राय का रिव्यू पीटिशन खारिज हो चुका है। कोर्ट कह चुका है कि हम मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और दोनों पक्ष मध्यस्थता में सहयोग करें। इन सब के बीच तेजप्रताप यादव इस वजह से चर्चा में रहे कि अनुष्का ने संतान को जन्म दिया। अनुष्का को लेकर तेजप्रताप यादव के बयान बदलते रहे हैं। तेजप्रताप ने अनुष्का से संबंध को इनकार कर दिया है। राजनीतिक परिवार के चलते मामला हाईप्रोफाइल तेजप्रताप और ऐश्वर्या राय का मामला इसलिए हाईप्रोफाइल है कि तेजप्रताप यादव , पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं और ऐश्वर्या राय बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दारागा प्रसाद राय की पोती। पिता चंद्रिका राय भी कई बार विधायक-मंत्री रह चुके हैं। मध्यस्थता नहीं होने पर कोर्ट क्या फैसला ले सकती है? 24 फरवरी को तेज प्रताप और ऐश्वर्या मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता की फिर से कोशिश होगी। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह के मुताबिक, कोर्ट के सामने अगर साक्ष्य नहीं है तो वह तेज प्रताप यादव के डिवोर्स पीटिशन को डिसमिस कर सकते हैं। जहां तक अनुष्का की बात है तो हिंदू मैरिज एक्ट में दो पत्नी रखने या एक पत्नी के रहते हुए दूसरे के साथ संबंध नाजायज है। यह एक्स्ट्रा मैरेटल रिलेशन का मामला बनता है। कोर्ट इस मामले में ऐश्वर्या को कह सकता है कि आप तेज प्रताप यादव पर FIR कीजिए। तीसरी बात यह कि जब ऐश्वर्या पब्लिक डोमेन में आकर यह सवाल उठा चुकी हैं कि मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की, जब किसी अन्य के साथ 12 साल से तेज प्रताप रिलेशन में थे? इस बात को एफिडेविट (शपथ पत्र या हलफनामा) में भी कहना चाहिए। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह का कहना है कि, ‘इस पूरे मामले में यह साफ लग रहा है कि इस बार भी मध्यस्थता की कोशिश सफल नहीं हो पाएगी।’ साल 2018 में हुई थी शादी तेज प्रताप-ऐश्वर्या की शादी 12 मई 2018 को हुई थी। दोनों परिवारों का घराना राजनीतिक है। तेजप्रताप लालू प्रसाद के बेटे हैं, जबकि ऐश्वर्या, चंद्रिका राय की बेटी है। शादी के बाद 2019 लोकसभा चुनाव में लालू यादव ने समधी चंद्रिका राय को सारण से टिकट दिया, लेकिन वह हार गए। 2019 में ही ऐश्वर्या ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी ने मुझे बाल खींचकर मारा है, राबड़ी आवास में गार्ड ने भी मुझे मारा है। राबड़ी देवी ने मेरा फोन छीन लिया। मां-बाप को जलील कर रहे हैं। इसके बाद चंद्रिका राय,उनकी पत्नी दल-बल के साथ राबड़ी देवी के आवास पहुंच गए थे। उसके बाद से ही मामला बढ़ता गया और डायवोर्स तक पहुंच गया। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय से जुड़े डिवोर्स मामले में आज सुलह की तारीख है। फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के सामने दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार समझौता कराने की कोशिश होगी। कोर्ट ने पहले ही दोनों पक्षों को मध्यस्थता में सहयोग करने के लिए कहा है। दोनों का यह मामला फैमिली कोर्ट में चला। उसके बाद हाईकोर्ट गया और फिर से केस फैमिली कोर्ट में है। हाईकोर्ट में रिव्यू पीटिशन हो चुका है खारिज पटना हाईकोर्ट में ऐश्वर्या राय का रिव्यू पीटिशन खारिज हो चुका है। कोर्ट कह चुका है कि हम मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और दोनों पक्ष मध्यस्थता में सहयोग करें। इन सब के बीच तेजप्रताप यादव इस वजह से चर्चा में रहे कि अनुष्का ने संतान को जन्म दिया। अनुष्का को लेकर तेजप्रताप यादव के बयान बदलते रहे हैं। तेजप्रताप ने अनुष्का से संबंध को इनकार कर दिया है। राजनीतिक परिवार के चलते मामला हाईप्रोफाइल तेजप्रताप और ऐश्वर्या राय का मामला इसलिए हाईप्रोफाइल है कि तेजप्रताप यादव , पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं और ऐश्वर्या राय बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दारागा प्रसाद राय की पोती। पिता चंद्रिका राय भी कई बार विधायक-मंत्री रह चुके हैं। मध्यस्थता नहीं होने पर कोर्ट क्या फैसला ले सकती है? 24 फरवरी को तेज प्रताप और ऐश्वर्या मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता की फिर से कोशिश होगी। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह के मुताबिक, कोर्ट के सामने अगर साक्ष्य नहीं है तो वह तेज प्रताप यादव के डिवोर्स पीटिशन को डिसमिस कर सकते हैं। जहां तक अनुष्का की बात है तो हिंदू मैरिज एक्ट में दो पत्नी रखने या एक पत्नी के रहते हुए दूसरे के साथ संबंध नाजायज है। यह एक्स्ट्रा मैरेटल रिलेशन का मामला बनता है। कोर्ट इस मामले में ऐश्वर्या को कह सकता है कि आप तेज प्रताप यादव पर FIR कीजिए। तीसरी बात यह कि जब ऐश्वर्या पब्लिक डोमेन में आकर यह सवाल उठा चुकी हैं कि मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की, जब किसी अन्य के साथ 12 साल से तेज प्रताप रिलेशन में थे? इस बात को एफिडेविट (शपथ पत्र या हलफनामा) में भी कहना चाहिए। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह का कहना है कि, ‘इस पूरे मामले में यह साफ लग रहा है कि इस बार भी मध्यस्थता की कोशिश सफल नहीं हो पाएगी।’ साल 2018 में हुई थी शादी तेज प्रताप-ऐश्वर्या की शादी 12 मई 2018 को हुई थी। दोनों परिवारों का घराना राजनीतिक है। तेजप्रताप लालू प्रसाद के बेटे हैं, जबकि ऐश्वर्या, चंद्रिका राय की बेटी है। शादी के बाद 2019 लोकसभा चुनाव में लालू यादव ने समधी चंद्रिका राय को सारण से टिकट दिया, लेकिन वह हार गए। 2019 में ही ऐश्वर्या ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी ने मुझे बाल खींचकर मारा है, राबड़ी आवास में गार्ड ने भी मुझे मारा है। राबड़ी देवी ने मेरा फोन छीन लिया। मां-बाप को जलील कर रहे हैं। इसके बाद चंद्रिका राय,उनकी पत्नी दल-बल के साथ राबड़ी देवी के आवास पहुंच गए थे। उसके बाद से ही मामला बढ़ता गया और डायवोर्स तक पहुंच गया।


