मैथिली भाषा को ‎सीटीईटी में शामिल करने की ‎अनुशंसा:दरभंगा सांसद ने बड़ी उपलब्धि बताया, बोले- राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी

मैथिली भाषा को ‎सीटीईटी में शामिल करने की ‎अनुशंसा:दरभंगा सांसद ने बड़ी उपलब्धि बताया, बोले- राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी

राष्ट्रीय ‎अध्यापक शिक्षा परिषद‎(एनसीईटी) बोर्ड ने मैथिली को ‎सीटीईटी में शामिल करने की‎अनुशंसा की है। भारत सरकार के शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने इस संबंध में दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है। जयंत चौधरी ने बताया कि सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर की ओर से शिक्षा मंत्री को लिखे गए विभिन्न पत्रों में इस विषय की गंभीरता से समीक्षा की गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परामर्श से मामले की जांच कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि 9 मई 2024 को सीटीईटी में भाषाओं को शामिल करने के विषय पर सीबीएसई की सलाहकार एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई थी। बैठक में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि सीटेट परीक्षा के पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए एक समिति गठित की गई है। इसके बाद समिति ने मैथिली भाषा को सीटेट में शामिल करने संबंधी निर्णय के लिए इस प्रस्ताव को गठित समिति के पास भेजा। सीबीएसई ने 18 जुलाई 2024 को यह मामला औपचारिक रूप से NCTE को अग्रसारित कर दिया है। NCTE की समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस प्रकरण में आवश्यक आगे की कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने बड़ी उपलब्धि बताया इस संबंध में डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि सांसद बनने के बाद से ही वे लगातार मैथिली भाषा को CTET में शामिल कराने के लिए प्रयासरत रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग से यह विषय अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के चेयरमैन पंकज अरोड़ा से टेलीफोन पर बातचीत हुई है। जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि बैठक में मैथिली भाषा को CTET में शामिल करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसे मिथिला क्षेत्र, विशेषकर दरभंगा और आसपास के जिलों के लाखों युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इससे मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के अवसर में बड़ी राहत मिलेगी। मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय ‎अध्यापक शिक्षा परिषद‎(एनसीईटी) बोर्ड ने मैथिली को ‎सीटीईटी में शामिल करने की‎अनुशंसा की है। भारत सरकार के शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने इस संबंध में दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है। जयंत चौधरी ने बताया कि सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर की ओर से शिक्षा मंत्री को लिखे गए विभिन्न पत्रों में इस विषय की गंभीरता से समीक्षा की गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परामर्श से मामले की जांच कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि 9 मई 2024 को सीटीईटी में भाषाओं को शामिल करने के विषय पर सीबीएसई की सलाहकार एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई थी। बैठक में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि सीटेट परीक्षा के पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए एक समिति गठित की गई है। इसके बाद समिति ने मैथिली भाषा को सीटेट में शामिल करने संबंधी निर्णय के लिए इस प्रस्ताव को गठित समिति के पास भेजा। सीबीएसई ने 18 जुलाई 2024 को यह मामला औपचारिक रूप से NCTE को अग्रसारित कर दिया है। NCTE की समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस प्रकरण में आवश्यक आगे की कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने बड़ी उपलब्धि बताया इस संबंध में डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि सांसद बनने के बाद से ही वे लगातार मैथिली भाषा को CTET में शामिल कराने के लिए प्रयासरत रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग से यह विषय अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के चेयरमैन पंकज अरोड़ा से टेलीफोन पर बातचीत हुई है। जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि बैठक में मैथिली भाषा को CTET में शामिल करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसे मिथिला क्षेत्र, विशेषकर दरभंगा और आसपास के जिलों के लाखों युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इससे मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के अवसर में बड़ी राहत मिलेगी। मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी।  

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