शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल जानने के लिए सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी ने नवाबगंज, ग्वालटोली और सर्वोदय नगर के डीटीसी सेंटर्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं भारी गंदगी मिली तो कहीं कर्मचारी महीनों से गायब मिले। सीडीओ ने अव्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं। ग्वालटोली में लापरवाही, 3 महीने से गायब कर्मचारी को नोटिस ग्वालटोली डीबीटी सेंटर के निरीक्षण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां श्रीमती पारो नाम की कर्मचारी पिछले 3 महीने से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब मिलीं। सीडीओ ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर वहां नए कर्मचारी की तैनाती की जाए। इसके अलावा सेंटर के ओपीडी रजिस्टर में भी जानकारी अधूरी मिली, जिसे लेकर चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई गई। कूड़े के ढेर के बीच हो रहा इलाज, नगर आयुक्त से की बात नवाबगंज सेंटर के पास ही कूड़ा निस्तारण केंद्र बना होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही थी। सीडीओ ने मौके से ही नगर आयुक्त से बात कर कूड़ा केंद्र को वहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वहीं ग्वालटोली सेंटर के प्रांगण में प्लास्टिक का कूड़ा बिखरा मिलने पर नाराजगी जताई और सफाई के लिए नियमित सफाईकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। नवाबगंज में वेतन रोकने के निर्देश, सर्वोदय नगर में हालत बेहतर नवाबगंज सेंटर पर निरीक्षण के दौरान सपोर्ट स्टाफ श्री तेजस्वी अनुपस्थित मिले। हालांकि बताया गया कि वे आयुष्मान कार्ड के काम से काशीराम अस्पताल गए हैं, लेकिन सीडीओ ने निर्देश दिए कि उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही उनका वेतन जारी किया जाए। सर्वोदय नगर डीबीटी केंद्र की स्थिति अन्य केंद्रों से बेहतर मिली। यहां सभी कर्मचारी उपस्थित थे और आज 32 मरीजों की ओपीडी के साथ 34 लोगों को डॉग बाइट का टीका लगाया गया। हालांकि, यहां कमरे के बाहर मेज पर दवाइयों के पैकेट बिखरे मिले, जिन्हें व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए गए। वैक्सीनेशन बढ़ाने और काउंसलिंग रूम के इस्तेमाल पर जोर
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पाया कि ग्वालटोली सेंटर पर वैक्सीनेशन की संख्या काफी कम है, जिसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नवाबगंज में 26 लोगों को आरएवी का टीका लगाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, कि केंद्रों पर बने काउंसलिंग रूम का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए ताकि मरीजों को सही सलाह मिल सके। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और ओपीडी रजिस्टर को अपडेट रखने पर विशेष जोर दिया गया।


