राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के नतीजों में बीकानेर की बेटी अग्रिमा शुक्ला ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विजय कान्त शुक्ला और करुणा शुक्ला की सुपुत्री अग्रिमा ने कला संकाय में 481 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी के साथ बड़ी सफलता हासिल की है। अग्रिमा की इस उपलब्धि से बीकानेर के शुक्ला परिवार में हर्ष का माहौल है। वे बीकानेर निवासी कमल कान्त शुक्ला की सुपौत्री हैं।
स्कोरकार्ड: भूगोल में 100/100 का ‘मैजिक’
अग्रिमा का परीक्षा परिणाम उनकी कड़ी मेहनत और विषयों पर उनकी पकड़ को दर्शाता है। उनके मुख्य विषयों का स्कोर इस प्रकार रहा:
- भूगोल (Geography): 100/100 (पूर्ण अंक)
- राजनीति विज्ञान: 98/100
- इतिहास: 98/100
- अंग्रेजी: 94/100
- हिंदी: 91/100
प्रेरणा के स्रोत फूफाजी, बनना है IAS
‘पत्रिका’ से बातचीत में अग्रिमा ने अपने भविष्य के लक्ष्यों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनका सपना UPSC क्रैक कर आईएएस (IAS) अधिकारी बनने का है। अग्रिमा को प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा अपने फूफाजी नितिन शर्मा से मिली है, जो वर्तमान में भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट में कार्यरत हैं। अपने आदर्श को सामने देख अग्रिमा ने अभी से ही सिविल सेवा की तैयारी के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार कर लिया है।
‘कोचिंग से ज्यादा सेल्फ स्टडी पर भरोसा’
अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए अग्रिमा ने बताया कि उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के लिए कोचिंग का सहारा तो लिया, लेकिन उनका मुख्य फोकस सेल्फ स्टडी पर ही रहा।
- स्मार्ट स्टडी: उन्होंने सीबीएसई (CBSE) सिलेबस को आधार बनाकर अपनी रणनीति तैयार की।
- अनुशासन: नियमित पढ़ाई और विषयों के गहन विश्लेषण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।
मध्यमवर्गीय परिवार का बढ़ा गौरव
अग्रिमा के पिता विजय कान्त शुक्ला एक प्राइवेट जॉब में कार्यरत हैं और माता करुणा शुक्ला गृहणी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली अग्रिमा ने साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो संसाधनों की कमी सफलता के आड़े नहीं आती। परिणाम घोषित होते ही रिश्तेदारों और पड़ोसियों का अग्रिमा के घर तांता लग गया है और मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
बीकानेर: प्रतिभाओं की खान
बीकानेर हमेशा से ही अपनी संस्कृति और स्वाद के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अग्रिमा जैसी बेटियों ने अब इसे ‘एजुकेशन हब’ के रूप में भी नई पहचान दी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी प्रदेश के सभी मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ये युवा ही ‘विकसित राजस्थान 2047’ की नींव रखेंगे।


