बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता रथ रवाना:सांसद ने दिखाई हरी झंडी, बोले- कुप्रथा को जड़ से मिटाना है

बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता रथ रवाना:सांसद ने दिखाई हरी झंडी, बोले- कुप्रथा को जड़ से मिटाना है

नालंदा में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बाल विवाह मुक्त भारत रथ का शुभारंभ किया गया। नालन्दा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने मंगलवार को इस जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 8 मार्च 2026 तक जिले के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करते हुए लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसे रोकने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दे। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बता दें कि भारत सरकार ने 27 नवंबर 2024 को “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य साल 2030 तक पूरे देश को बाल विवाह से मुक्त करना है। इस संकल्प की पहली वर्षगांठ पर केंद्र सरकार ने 100 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान की घोषणा की है। आइडिया संस्था का सतत प्रयास नालंदा में यह कार्यक्रम आइडिया संस्था की ओर से जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। संस्था पिछले तीन साल से इस दिशा में निरंतर काम कर रही है। इस दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह, बाल श्रम और बाल व्यापार जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए लोगों को शपथ दिलाई जा रही है। इसके अलावा पंचायत और ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन, सामुदायिक बैठकें, कैंडल मार्च और प्रभात फेरी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। यह जागरूकता रथ जिले की सभी पंचायतों, गांवों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और धार्मिक स्थलों पर जाएगा। लोगों को बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आह्वान किया कि सभी नागरिक मिलकर नालंदा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर आइडिया संस्था से मंटू कुमार, उज्ज्वल कुमार, अश्विनी कुमार, गंगोत्री कुमारी, विनोद पांडे, विवेक, सुशीला देवी और किरण देवी सहित कई लोग उपस्थित थे। नालंदा में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बाल विवाह मुक्त भारत रथ का शुभारंभ किया गया। नालन्दा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने मंगलवार को इस जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 8 मार्च 2026 तक जिले के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करते हुए लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसे रोकने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दे। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बता दें कि भारत सरकार ने 27 नवंबर 2024 को “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य साल 2030 तक पूरे देश को बाल विवाह से मुक्त करना है। इस संकल्प की पहली वर्षगांठ पर केंद्र सरकार ने 100 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान की घोषणा की है। आइडिया संस्था का सतत प्रयास नालंदा में यह कार्यक्रम आइडिया संस्था की ओर से जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। संस्था पिछले तीन साल से इस दिशा में निरंतर काम कर रही है। इस दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह, बाल श्रम और बाल व्यापार जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए लोगों को शपथ दिलाई जा रही है। इसके अलावा पंचायत और ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन, सामुदायिक बैठकें, कैंडल मार्च और प्रभात फेरी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। यह जागरूकता रथ जिले की सभी पंचायतों, गांवों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और धार्मिक स्थलों पर जाएगा। लोगों को बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आह्वान किया कि सभी नागरिक मिलकर नालंदा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर आइडिया संस्था से मंटू कुमार, उज्ज्वल कुमार, अश्विनी कुमार, गंगोत्री कुमारी, विनोद पांडे, विवेक, सुशीला देवी और किरण देवी सहित कई लोग उपस्थित थे।  

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