पन्ना के दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज के अंतर्गत सुनेही बीट क्षेत्र में दुर्लभ प्रवासी पक्षी बार-हेडेड गूज देखा गया है। पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल ने इस पक्षी का अवलोकन किया और अपने कैमरे में इसकी तस्वीरें भी कैद कीं। सुरक्षित और स्वच्छ आर्द्रभूमि का प्रमाण वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-हेडेड गूज की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पन्ना के जलाशय और आर्द्रभूमियां सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से समृद्ध हैं। यह पक्षी केवल उन्हीं क्षेत्रों में रुकता है, जहां पानी साफ हो और मानवीय दखल कम हो। हिमालय की ऊंची चोटियों के ऊपर से करता है उड़ान वनमंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि बार-हेडेड गूज अपनी अनोखी उड़ान क्षमता के लिए जाना जाता है। यह पक्षी मध्य एशिया और तिब्बत के ऊंचे इलाकों से भारत आता है और यात्रा के दौरान हिमालय की करीब 29 हजार फीट ऊंची चोटियों के ऊपर से उड़ान भरता है, जहां हवा में ऑक्सीजन बहुत कम होती है। कम ऑक्सीजन में भी करता है लंबी यात्रा विशेषज्ञों के अनुसार, इस पक्षी के शरीर की बनावट ऐसी होती है कि यह बहुत कम ऑक्सीजन में भी उड़ान भर सकता है। इसके खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह ऑक्सीजन को जल्दी ग्रहण कर लेता है और लंबी दूरी तय कर पाता है। संरक्षण प्रयासों की सफलता वन विभाग का कहना है कि सुनेही बीट में बार-हेडेड गूज की मौजूदगी पन्ना में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सफलता को दिखाती है। यह पक्षी उन जगहों को पसंद करता है जहां पानी में पर्याप्त जलीय वनस्पति होती है और भोजन आसानी से उपलब्ध रहता है। सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई गश्त वन विभाग द्वारा इन प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही, आसपास के ग्रामीणों को इन पक्षियों के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी खतरे के यहां प्रवास कर सकें।


