मुश्किल में फंसे रैपर बादशाह, नए गाने ‘टटिरी’ पर हुआ विवाद, महिला आयोग ने भेजा समन

मुश्किल में फंसे रैपर बादशाह, नए गाने ‘टटिरी’ पर हुआ विवाद, महिला आयोग ने भेजा समन

Badshah Tateeree Song Controversy: मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनके हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गाने ‘टटिरी’ के बोलों को लेकर खड़ा हुआ है। गाने में कथित तौर पर आपत्तिजनक और महिलाओं को लेकर अनुचित शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इसी को लेकर हरियाणा वुमन स्टेट कमिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें समन जारी किया है।

गाने के बोलों पर उठे सवाल (Badshah Tateeree Song Controversy)

हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि आयोग ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है। आयोग को कई शिकायतें मिली थीं जिनमें कहा गया था कि गाने के कुछ शब्द महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के प्रति अपमानजनक हैं। इन शिकायतों के आधार पर आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि ‘टटिरी’ गाना 1 मार्च 2026 के आसपास रिलीज हुआ था और रिलीज के बाद से ही इसके बोलों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इसे मनोरंजन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे संस्कृति और मर्यादा के खिलाफ बताया।

शिकायत के बाद भेजा गया समन (Badshah Tateeree Song Controversy)

आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में बताया गया कि रैपर बादशाह, जिनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है, को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस मामले में आयोग ने प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि सुनवाई के दौरान संबंधित सभी पक्ष मौजूद रहें।

यह शिकायत पानीपत की सामाजिक कार्यकर्ता सविता आर्या और शिव आरती इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शिव कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है। दोनों का कहना है कि गाने के बोल समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं का वस्तुकरण करते हैं।

13 मार्च को होगी सुनवाई (Badshah Tateeree Song Controversy)

महिला आयोग ने इस पूरे मामले की सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की है। यह सुनवाई पानीपत के डीसी ऑफिस स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में होगी। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया करेंगी।

आयोग का कहना है कि अगर किसी भी गाने या कंटेंट में ऐसी भाषा का इस्तेमाल होता है जिससे समाज के किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उस पर कार्रवाई होना जरूरी है। इसलिए आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।

सेंसर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

इस विवाद के बीच रेनू भाटिया ने एक और अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी गाने में इतने आपत्तिजनक शब्द हैं तो आखिर यह नियामक प्रक्रिया से कैसे गुजर गया। उन्होंने बताया कि वह पहले फिल्म सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं और ऐसे मामलों में सख्त जांच जरूरी होती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग कलाकार की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग मानते हैं कि लोकप्रिय कलाकारों को अपने शब्दों के चयन में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

अब सभी की नजर 13 मार्च को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां यह तय होगा कि इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है और रैपर बादशाह इस मामले पर क्या सफाई देते हैं।

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