Ghaziabad nurse assault case: गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम इलाके में एक नर्स के साथ गंभीर अपराध का मामला सामने आया है। इसमें आरोपी ने पहले दोस्ती कर भरोसा जीता और फिर उसी भरोसे का गलत फायदा उठाया। पीड़िता अक्तूबर 2004 से गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत थी।नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद सरफुद्दीन नाम के व्यक्ति से हुई। शुरुआत में उनके बीच बातचीत सामान्य दोस्तों की तरह होती थी, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने उसके जीवन में दखल देना शुरू कर दिया।
निजी तस्वीरों से ब्लैकमेलिंग
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने किसी तरह उसकी निजी तस्वीरें हासिल कर लीं और फिर उन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी बार-बार तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था, जिससे पीड़िता डर और तनाव में रहने लगी। इसी दबाव का इस्तेमाल कर आरोपी उस पर लगातार अपनी शर्तें थोपता रहता था। सामाजिक बदनामी के डर की वजह से युवती ने लंबे समय से चुप रहकर प्रताड़ना सही।
धर्मांतरण और निकाह का दबाव
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आरोपी ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया। पीड़िता के अनुसार 4 जनवरी 2026 को आरोपी उसे दिल्ली के एक धार्मिक स्थल पर ले गया, जहां उसे धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं देर रात का बहाना कर वह उसे मधुबन बापूधाम इलाके के संजय नगर स्थित अपने कमरे पर लेकर गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और उसने कई बार धमकाकर शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर पीड़ता को जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचा मामला
पीड़िता मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली है। जब आरोपी का उत्पीड़न बढ़ता गया तो पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पहले अलीगढ़ के बन्ना देवी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन घटनास्थल गाजियाबाद होने के कारण मामला ट्रांसफर कर दिया गया। अब मधुबन बापूधाम थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता के बयान और मेडिकल परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


