हरियाली वाटिका में आयोजित 18वां रंगरसिया महोत्सव इस बार सांस्कृतिक विविधता, रचनात्मक अभिव्यक्तियों और दर्शकों की जबरदस्त सहभागिता के कारण यादगार बन गया। सुसज्जित मंच, पारंपरिक परिधानों की आभा और लगातार गूंजती तालियों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ रैपर डांस एकेडमी के देव राजपूत के निर्देशन में नन्हे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रद्धामयी गणेश वंदना से हुआ, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात एकता डांस अकादमी के बच्चों ने फिल्मी और सांस्कृतिक धुनों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। साहित्यिक सत्र में वरिष्ठ गीतकार राजेन्द्र मिलन, राज बहादुर राज, अंगद धारिया, रमेश पंडित और इशान देव ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, संस्कृति और संवेदनाओं को स्वर दिया। श्रोताओं ने हर प्रस्तुति पर जोरदार तालियों से उत्साहवर्धन किया। ब्रज संस्कृति की छटा रमेश गौतम के निर्देशन में लोकगायन और लोकनृत्य के जरिए मंच पर जीवंत हो उठी। वहीं वृंदावन बांसुरी संस्था के विनय गोस्वामी के मार्गदर्शन में राधा-कृष्ण की फूलों की होली और आकर्षक मयूर नृत्य ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संगम का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। देर रात तक चले इस आयोजन में शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। आयोजन समिति के सदस्यों और रंगरसिया परिवार के सहयोग से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने आयोजन की भव्यता और सांस्कृतिक प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।


