फर्रुखाबाद में रामनगरिया मेले का शुभारंभ:प्रशासनिक पंडाल में हुआ रुद्राभिषेक, डीएम ने किया पूजन, मां गंगा की उतारी आरती

फर्रुखाबाद में रामनगरिया मेले का शुभारंभ:प्रशासनिक पंडाल में हुआ रुद्राभिषेक, डीएम ने किया पूजन, मां गंगा की उतारी आरती

फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर शनिवार को श्री रामनगरिया मेले का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 3 जनवरी से 3 फरवरी तक चलेगा। इस एक महीने के मेले में देश-प्रदेश से हजारों साधु-संत और कल्पवासी गंगा किनारे कुटिया बनाकर निवास करेंगे। वे नियमित रूप से गंगा स्नान और पूजा-पाठ करेंगे। उद्घाटन के दौरान हुए रुद्राभिषेक में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने यजमान की भूमिका निभाई। पांचाल घाट पर लगभग 3 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस मेले का शनिवार को विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ। मेले के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंच रहे हैं। यहां धर्म, साधना, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों का संगम देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित प्रदर्शनी का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वरोजगार और कृषि योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने बड़ी संख्या में इस प्रदर्शनी का दौरा किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामनगरिया मेला इस बार भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुआ है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि मेले में एक कोतवाली और 11 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। सात वॉच टावर पर आधुनिक उपकरणों और हथियारों से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से छावनी में बदल दिया गया है। भव्य स्वरूप में सजा मेला क्षेत्र इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, आकर्षक प्रवेश द्वार, भव्य मंच और सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहा है। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, लोकगीत, रामकथा, भजन-कीर्तन और विकास प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। कल्पवास का विशेष महत्व
मेला श्रीरामनगरिया में कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व है। दूर-दराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। कल्पवासी गंगा स्नान, जप-तप, यज्ञ, दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है। रामनगरिया मेले का इतिहास वर्षों पुराना है। पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
– मेला क्षेत्र में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती
– सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
– फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था
– खोया-पाया केंद्र की स्थापना
– महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था
– साफ-सफाई और पेयजल की पर्याप्त सुविधा है मेला सचिव/अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि “मेला श्रीरामनगरिया हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस बार मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।” मेले की बनाई गई वेबसाइट इस वर्ष माघ मेला रामनगरिया की एक वेबसाइट बनाई गई है। मेले में कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। देर शाम गंगा तट पर गंगा आरती का आयोजन बनारस से आये आचार्यो द्वारा की गई। जहां पहले विधि विधान से पूजन किया गया। इसके बाद आरती हुई। बड़ी संख्या में आज श्रद्धालु पहुंचे। 21000 दीप भी जलाए गए। यहां पहुंचे लोगों ने गंगा में दीपोत्सव कार्यक्रम भी किया। अंत में
आरती के उपरांत आये हुये श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। देखें मेले की तस्वीरें…

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