राम नगरी में मकर संक्रांति का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भोर से ही श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और तिल, गुड़, वस्त्र व अन्न का दान कर पुण्य अर्जित किया। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सरयू तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई।
राम मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर खास तौर से पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान भक्तों की ओर से रामलला को पतंग भेंट कर पर्व की परंपरा को साकार किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई, वहीं जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौरान विशेष तरह का भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर रामलला का दिव्य रसायनों से अभिषेक कर उनको नूतन वस्त्र और अनेक प्रकार के दिव्य रत्नों वाले आभूषण पहनाए गए।
पर्व के इस मौके पर सरयू के विविध घाटों सहित हनुमानगढ़ी और नागेश्वरनाथ आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान-पुण्य किया और रामलला के दर्शन के लिए मंदिर की ओर प्रस्थान किया। इस अवसर पर कनक भवन,हनुमानगढ़ी,मणिराम दास जी की छावनी, दशरथ महल,श्रीरामवल्लभाकुंज, रंग महल और रामलला सदन आदि मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।


